
Pilonidal sinus: पिलोनाइडल साइनस के पांच में से चार मामले पुरुषों में पाए जाते हैं। खासकर वयस्कों में-
Pilonidal sinus: पिलोनाइडल साइनस के पांच में से चार मामले पुरुषों में पाए जाते हैं। खासकर वयस्कों में-
पिलोनाइडल साइनस या गांठ क्या है ?
यह त्वचा में एक छोटा सा छेद है जो आमतौर पर रीढ़ की हड्डी के अंतिम सिरे पर होता है और इसका आकार बढ़ता जाता है। बैक्टीरिया से संक्रमित होने पर सूजन व दर्द होता है। इसके बाद साइनस के भीतर ही मवाद से भरा फोड़ा बनने लगता है।
इसके लक्षण क्या होते हैं ?
इस रोग को प्रभावित हिस्से की त्वचा पर छोटे से धंसाव के रूप में महसूस किया जा सकता है। जब साइनस संक्रमित हो जाता है तो इसमें सूजन आती है और दर्द, त्वचा में लालिमा, साइनस से मवाद या रक्त निकलने और बुखार जैसे लक्षण दिखते हैं।
इसका कारण क्या है ?
इसके कारणों का अब तक पता नहीं चल पाया है। आमराय है कि यह बाल टूटने के कारण होता है। टूटा हुआ बाल त्वचा के अंदर चला जाता है। कुछ लोगों को जन्म से ही मामूली दोष होता है जिसके कारण उनके नितंबों की बीच की त्वचा कुछ हद तक धंस जाती है और इसके कारण टूटा हुआ बाल त्वचा के अंदर आसानी से चला जाता है। इससे रोग की शुरूआत होती है।
साइनस का जोखिम बढ़ाने वाले कारक क्या हैं ?
मोटापा, शरीर पर औसत से अधिक बालों का होना, फैमिली हिस्ट्री आदि। इसके अलावा लंबे समय तक ड्राइविंग करने या बैठे रहना जोखिम को बढ़ा सकता है।
इसका इलाज कैसे होता है ?
अगर पिलोनाइडल साइनस के भीतर संक्रमण हो तो साइनस को खोलने और मवाद, बैक्टीरिया व पदार्थों को निकालने के लिए ऑपरेशन करते हैं। सर्जन त्वचा के प्रभावित हिस्से को काट देते हैं और टांके की मदद से घाव को सिलते हैं। इस तकनीक से घाव को काफी जल्द ठीक किया जा सकता है। इसके अलावा यह बेहद जरूरी है कि ऑपरेशन के बाद घाव की जगह को साफ रखा जाए।
Published on:
16 Jul 2019 04:58 pm
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