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Fitness samachar – मस्कुलर और फिट बॉडी के लिए एेसे करें जिम, कुछ ही दिनाें में दिखेगा असर

अच्छी बॉडी बनाने और पूरी तरह स्वस्थ रहने के लिए जिम जाना भी जीवनशैली का हिस्सा बन गया है

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Fitness samachar - मस्कुलर और फिट बॉडी के लिए एेसे करें जिम, कुछ ही दिनाें में दिखेगा असर

अच्छी बॉडी बनाने और पूरी तरह स्वस्थ रहने के लिए जिम जाना भी जीवनशैली का हिस्सा बन गया है। यदि आप जिम जाने की तैयारी कर रहे हैं तो कुछ बातों का ध्यान रखकर अपनी हैल्थ व पर्सनेलिटी में चार चांद लगा सकते हैं।

जिम का हो सही चुनाव
जिम के बाहरी दिखावे से आकर्षित होने से अच्छा है कि आप पहले पूरी जांच कर लें जैसे कि जिम की मशीनें कैसी हैं, ट्रेनर अच्छे हैं या नहीं। देख लें कि जिम की लोकेशन क्या है, यदि जिम ज्यादा भीड़भाड़ या प्रदूषित इलाके में हो तो ऐसी जगह जाने से बचें।

मोबाइल से रखें दूर की दोस्ती
वर्कआउट करते समय मोबाइल फोन से दूरी बनाएं रखें। अगर आप इसे ऑफ नहीं कर सकते, तो साइलेंट मोड पर रखें। हो सके तो व्यायाम के समय किसी भी तरह के गैजेट का प्रयोग ना करें।

सफाई का रखें खास खयाल
जिम में वर्कआउट के बाद अधिक पसीना आना लाजमी है। ऐसे में अपने साथ टॉवल लेकर जरूर जाएं। जिम से आने के बाद जब आपका तापमान सामान्य हो जाए तभी नहाने के लिए जाएं।

दूसरों को भी पूरा मौका दें
ट्रेडमिल हो या कोई अन्य मशीन, उस पर कब्जा जमाए मत रहिए। दूसरों को भी मौका दें। जिम के एटिकेट्स को फॉलो करना भी एक अच्छी और स्वस्थ परंपरा है। जिम के लिए आप किसी दोस्त को भी साथ ले जा सकते हैं, इससे आपको आलस भी नहीं सताएगा।

आउटफिट किस तरह का हो
हमेशा जिम के हिसाब से कपड़े पहनें। कपड़े न ज्यादा ढीले हों और न ही ज्यादा टाइट। अच्छे स्पोट्र्स शू के साथ टीशर्ट व लोअर बेहतर होगा। जिम में अपने साथ पानी की बोतल लेकर जाएं ताकि प्यास लगने पर आप साफ पानी ही पिएं।

एक्सरसाइज से पहले वॉर्मअप
चोट या खिंचाव आदि से बचने के लिए सबसे पहले बॉडी को वॉर्मअप करेेंं। इसके लिए ट्रेड मिल पर जॉगिंग, एरोबिक्स और स्ट्रेचिंग आदि से शुरुआत करें।

मेडिकल जांचें भी जरूरी
जिम जॉइन करने से पहले कुछ खास जांचें जैसे आपका बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई), ब्लड प्रेशर, पल्स रेट और हार्ट चेकअप करा लें। साथ ही अपना वजन, चेस्ट, आर्म और थाई आदि की माप भी ले लें ताकि एक महीने बाद आपको पता रहे कि आपने कितने इंच लूज किया है। पुरानी चोटों, कमर-जोड़ों के दर्द व बीमारियों के बारे में जिम संचालक को जरूर बताएं ताकि वे उसी हिसाब से एक्सरसाइज तय कर सकें।