शिशु में हीमोग्लोबिन का स्तर कम होने के कारण 4 से 6 माह की आयु में इसके लक्षण नजर आने लगते हैं। बच्चों का शरीर पीला पडऩा, जल्द थक जाना और शारीरिक व मानसिक विकास में रुकावट थैलेसीमिया के लक्षण हंै। चिकित्सकीय जांच में बच्चे का लिवर और तिल्ली बढ़ी हुई पाई जाती है। ऐसे मामलों में बच्चे को सांस लेने में तकलीफ होती है। साथ ही हार्ट फेल्योर की स्थिति बन जाती है।