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सर्दियों में इन योगासनों से दूर होगी ठंडक, बढ़ेगी इम्युनिटी

सर्दियां शुरू हो गई हैं। इस सीजन में सुबह की शुरुआत देर से होने से कई बार लोग नियमित व्यायाम और योग जैसी दिनचर्या को नजरअंदाज कर देते हैं। लोगों का तर्क होता है कि ठंडक से वे योग व व्यायाम रोज नहीं कर पाते हैं। एक्सपट्र्स की मानें तो शरीर को गर्म रखने वाले योगासन किए जाएं तो यह न केवल गर्माहट पैदा करते हैं बल्कि इम्युनिटी बढ़ाते, मौसमी बीमारियों से भी बचाव करते हैं। यहां बताए जा रहे योगासन से सर्दियों में आप शरीर को गर्म रख सकते हैं।

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जयपुर

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Jyoti Kumar

Sep 26, 2023

yoga

योगा टीचर

सर्दियां शुरू हो गई हैं। इस सीजन में सुबह की शुरुआत देर से होने से कई बार लोग नियमित व्यायाम और योग जैसी दिनचर्या को नजरअंदाज कर देते हैं। लोगों का तर्क होता है कि ठंडक से वे योग व व्यायाम रोज नहीं कर पाते हैं। एक्सपट्र्स की मानें तो शरीर को गर्म रखने वाले योगासन किए जाएं तो यह न केवल गर्माहट पैदा करते हैं बल्कि इम्युनिटी बढ़ाते, मौसमी बीमारियों से भी बचाव करते हैं। यहां बताए जा रहे योगासन से सर्दियों में आप शरीर को गर्म रख सकते हैं।

पवनमुक्तासन
इस समय बुजुर्गों में जोड़ों में दर्द, महिलाओं के कमरदर्द की शिकायत अधिक रहती है। इस समय जोड़ों को खोलने वाले आसन करना जरूरी है। ऐसे में पवनमुक्तासन बेहतर योगासन है। इसमें जमीन पर लेटकर अपनी बाजुओं को शरीर के साइड में रखें । गहरी सांस लेते रहें। अपने घुटनों को सीने की ओर लाएं और अपनी जांघों को पेट पर लाते हुए हाथों से दबाएं। फिर सिर को उठाएं और ठोड़ी से घुटनों को छूने का प्रयास करें।
फायदा - रक्त संचार में सुधार, रीढ़ की हड्डी का लचीलापन बढऩा, जोड़ खुलना।

सूर्य नमस्कार
यह सिर से लेकर पैर तक, सभी अंगों के लिए फायदेमंद है। यह सम्पूर्ण शारीरिक प्रणाली के लिए ऐसा व्यायाम है जिसे बिना किसी उपकरण के किया जा सकता है। हमारे शरीर में सौर जाल होता है। यह सौर जाल के आकार को बढ़ाता है। इसमें 12 अलग-अलग तरह के आसन होते हैं।


भस्त्रिका प्राणायाम
शरीर को गर्म रखने के लिए भस्त्रिका प्राणायाम बेहतर उपाय है। इसमें सिद्धासन या सुखासन में बैठ जाएं। अब कमर, गर्दन और रीढ़ की हड्डी को सीधा रखते हुए शरीर और मन को स्थिर रखें। फिर तेज गति से सांस लें और तेज गति से ही सांस बाहर छोड़ें। सांस लेते समय पेट फूलना चाहिए और छोड़ते समय पेट अंदर जाना चाहिए। इससे नाभि पर दबाव पड़ता है।


फायदा - यह रक्तचाप को नियंत्रित करता है। साथ ही वात, पित्त और कफ से भी राहत दिलाता है।