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women’s Health: 40 के बाद अपनी सेहत काे ऐसे बनाएं रखें महिलाएं

women's Health After 40: रोज 45 मिनट वॉक करें। वॉक करते समय पहले 10 मिनट वॉर्मअप करें। सुबह वॉक न करने पर डिनर के बाद वॉक जरूर करेंं।

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Women's Health: Tips To Keep women healthy after 40

women's Health: 40 के बाद अपनी सेहत काे ऐसे बनाएं रखें महिलाएं

Women's Health After 40: चालीस साल की उम्र, जीवन का ऐसा पड़ाव है, जब हर महिला में कुछ शारीरिक परिवर्तन होते हैं। इस उम्र में मेनोपॉज के बाद कुछ दिक्कत हो सकती हैं जैसे चिड़चिड़ापन, थकान, वजन बढऩा, लगातार खाते रहने की आदत, बीपी की समस्या आदि। जानें ऐसी ही कुछ समस्याओं व उनके समाधान के बारे में -

ब्लड प्रेशर :
इस उम्र में बीपी घटने-बढ़ने की समस्या रहती है। यदि मधुमेह, हृदय व किडनी रोग से परेशान हैं तो बीपी चेक कराएं।
खानपान :
ओमेगा-3 फैटी एसिड युक्तचीजें खाएं। ये बीपी और हृदयगति नियमित करती हैं।
एक्सरसाइज :
रोज 45 मिनट वॉक करें। वॉक करते समय पहले 10 मिनट वॉर्मअप करें। सुबह वॉक न करने पर डिनर के बाद वॉक जरूर करेंं।

मधुमेह :
शुरुआती स्टेज में रोग की पहचान होने पर इसे नियंत्रित करें। वरना किडनी, हृदय व आंखों से जुड़ी दिक्कतें बढ़ सकती हैं।खानपान :
फाइबरयुक्तचीजें खाएं। ये रक्त में शुगर का स्तर नियंत्रित रखने में मददगार हैं।
एक्सरसाइज :
हमेशा एक जैसी वर्कआउट न करें। जैसे कार्डियो व योग को बदल-बदलकर करें। हफ्ते में 160 मिनट एक्सरसाइज करें।

कोलेस्ट्रॉल :
40 या इससे अधिक उम्र की महिलाएं कोलेस्ट्रॉल की जांच हर 5 साल में एक बार जरूर कराएं।
खानपान :
फायबरयुक्त चीजें जैसे दलिया, जौ, गेहूं, फल और सब्जियां ले सकती हैं।
एक्सरसाइज :
सप्ताह में कम से कम 30 मिनट एरोबिक एक्सरसाइज जरूर करें।

ऑस्टियोपोरोसिस :
कैल्शियम की कमी और मेनोपॉज के बाद ऑस्टियोपोरोसिस की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में डॉक्टरी सलाह लेनी जरूरी है।
खानपान :
कैल्शियम, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स युक्त चीजें अधिक खाएं।
एक्सरसाइज :
स्विमिंग, एरोबिक, साइक्लिंग, जॉगिंग जैसे एक्सरसाइज कर सकती हैं। इन्हें 30 - 40 मिनट कर सकती हैं।

जरूरी टैस्ट: कुछ टैस्ट कराकर उम्र के इस पड़ाव पर होने वाली दिक्कतों को समय पर समझा व रोका जा सकता है।
मेमोग्राफी : इससे बे्रस्ट कैंसर का पता लगता है।
पैप टैस्ट : 40 के बाद हर तीन साल में पैप टैस्ट कराने की सलाह देते हैं। यह टैस्ट गर्भाशय के कैंसर की जांच के लिए कराया जाता है।
थायरॉयड टैस्ट : हर पांच साल में इसे एक बार कराना जरूरी होता है।
स्किन टैस्ट : यदि त्वचा पर मौजूद मस्से का रंग या आकार बदले, तुरंत डर्मेटोलॉजिस्ट को दिखाएं।
वजन : तेजी से बढ़ता शरीर का वजन कई रोगों की वजह बनता है। समय-समय पर वजन चेक कराती रहें। साथ ही खानपान में ऐसी चीजें शामिल करें जो वसारहित हों।

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