
भुजंगासन को सर्पआसन या कोबरा पोज भी कहते हैं। इस योग आसन में हमारा शरीर एक सर्प की तरह होता है। सभी योगासनों में भुजंगासन एक प्रसिद्ध आसन माना जाता है। पीठ के दर्द के रोगियों के लिए यह आसन अत्यंत लाभदायक है। भुजंगासन सूर्य नमस्कार में सातवें क्रम पर आता है। प्रतिदिन इस आसन को करने से कंधे, कोहनी, पीठ, गर्दन और लीवर को मजबूती मिलती है।
कब करें भुजंगासन
भुजंगासन हमेशा खाली पेट करना चाहिए। अगर खाना खा लिया है तो खाना खाने के कम से कम 3 से 4 घंटे बाद ही इस आसन को करना चाहिए। इससे खाने को पचने का पूरा समय मिलता है और आसन करने में आसानी होती है।
कैसे करें भुजंगासन
भुजंगासन को करने के लिए सबसे पहले पेट के बल लेट जाएं
इसके बाद हथेली को कंधे के नीचे रखें
अपने दोनों पैरों को पीछे की तरफ खींचते हुए सीधा रखें, दोनों पैरों के बीच दूरी नहीं होनी चाहिए
इसके बाद सांस लें और शरीर के अगले भाग को ऊपर की और उठाएं
इस वक्त एक बात का ख्याल रखें की कमर पर ज्यादा खिंचाव ना आने पाए
10-20 सेकंड्स के लिए इसी अवस्था में बने रहिए
फिर सांस छोड़ते हुए सामान्य अवस्था में आ जाएं
शुरुआत में इस आसन को दो से तीन बार करें फिर धीरे-धीरे इसकी संख्या बढ़ाएं
ये लोग ना करें भुजंगासन
हर्निया से पीड़ित व्यक्ति ना करें
पेट दर्द होने पर यह आसन ना करें
गर्भवती महिलाएं नहीं करना चाहिए
हाथ, पीठ और गर्दन में दर्द या चोट है तो मत करें आसन
आसन करते समय अपने सर को पीछे की ओर ज्यादा ना झुकाएं वरना मांसपेशियों में खिंचाव आ सकता है
अपनी क्षमता के अनुसार करें आसन
भुजंगासन के फायदे
इस आसन को करने से पीठ के दर्द में अत्यंत लाभ मिलता है
गले से संबंधित रोग में मिलता है फायदा
लड़कों को यह आसन अवश्य करना चाहिए इससे उनकी छाती चौड़ी होती है
इस आसन को करने से कमर से संबंधित परेशानियां होती है दूर
यह आसन रीढ़ की हड्डी को बनाता है सक्रिय
इस आसन से पैंक्रियाज सक्रिय होते हैं जिसके अच्छी मात्रा में इंसुलिन बनना शुरू हो जाता है
डायबिटीज से जुड़े व्यक्तियों को जरूर करना चाहिए भुजंगासन
पेट के अंगो को सुचारू रूप से कार्य करवाने में यह आसन मदद करता है
मोटापा कम करने में भी यह आसन लाभदायक है
तनाव से जुड़ी परेशानियों से मुक्ति मिलती है
पेट और कमर दर्द से छुटकारा मिलता है
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Published on:
21 Jun 2023 11:57 am
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