तनाव इस समय की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है। कोविड-19 की तीसरी लहर के चलते अधिकतर लोगों को घर पर ही रहना पड़ रहा है। कई दूसरी समस्याओं के चलते भी तनाव हो रहा है। जानते हैं चार योगासनों के बारे में जो शरीर व मन को स्वस्थ रखकर तनाव का स्तर कम करते हैं।
तनाव इस समय की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है। कोविड-19 की तीसरी लहर के चलते अधिकतर लोगों को घर पर ही रहना पड़ रहा है। कई दूसरी समस्याओं के चलते भी तनाव हो रहा है। जानते हैं चार योगासनों के बारे में जो शरीर व मन को स्वस्थ रखकर तनाव का स्तर कम करते हैं।
धनुरासन
पेट के बल लेटते हुए पैरों को मोड़ें और हाथों से टखने पकड़ें। सांस खींचते हुए सिर व सीना ऊपर की ओर उठाएं व सामने देखें। यह आसन पाचन तंत्र मजबूत करने के साथ ही मांसपेशियों में लचीलापन लाता है। इससे जांघों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और तनाव दूर होता है।
पवनमुक्तासन
सीधे लेटें। गहरी सांस छोड़ते हुए घुटनों को छाती की ओर लाएं और जांघों को पेट तक लाकर हाथों से दबाएं। सांस छोड़ते हुए सिर ऊपर उठाएं व ठोडी को घुटनों से छूने की कोशिश करें। रक्त संचार बढ़ाने, कब्ज, गैस व तनाव से मुक्ति दिलाता है।
सर्वांगासन
कमर के बल लेटते हुए हाथ सीधे रखें। सांस अंदर लें, दोनों पैर ऊपर उठाएं। चित्रानुसार हाथों से को पीठ को सहारा दें। इसे दीवार के सहारे भी कर सकते हैं। कंधों व गर्दन में खिंचाव, थायरॉइड व अन्य हार्मोन उत्पादन को बढ़ावा मिलता है।
अनुलोम-विलोम
पालथी मारकर बैठें और बायां हाथ सीधा रखें। अब दाएं हाथ के अंगूठे से दाईं नासिका बंद करें और बाईं नासिका से गहरी सांस लें। अब दो अंगुलियों से बाईं नासिका बंद करें और दाईं से सांस छोड़ें। इसी तरह दूसरी नासिका से भी दोहराएं।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।