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योग से कम हो सकता है गुस्सा

पैरों को जोडक़र पेट के बल लेट जाएं। ठोढ़ी और हाथों को जमीन पर लगा लें। आपकी हथेलियां फर्श की तरफ होनी चाहिए। बाएं घुटने को मोड़ें और बाएं हाथ...
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Mukesh Kumar Sharma

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Updated: 19 Apr 2018, 4:48 AM IST

yoga

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गुस्सा व्यक्ति की ऊर्जा के साथ रचनात्मकता को भी खत्म कर रहा है। ऐसे में योग के आसनों से इस पर लगाम लगाई जा सकती है।

अर्ध धनुरासन

पैरों को जोडक़र पेट के बल लेट जाएं। ठोढ़ी और हाथों को जमीन पर लगा लें। आपकी हथेलियां फर्श की तरफ होनी चाहिए। बाएं घुटने को मोड़ें और बाएं हाथ को पीछे ले जाकर एड़ी को पकडक़र ऊपर की ओर उठाएं। सांस लें और बाएं पैर समेत शरीर के पूरे बाएं हिस्से को ऊपर की ओर उठाएं। गर्दन को पीठ की दिशा में ही रखें। दाएं हाथ को फर्श पर रखते हुए ही आगे की ओर ले जाएं। इसी स्थिति में 2 से 6 बार तक लंबी सांस लें और धीरे-धीरे छोडं़े।

गुप्त पद्मासन

पद्मासन की मुद्रा में बैठ जाएं। अपने हाथों को आगे बढ़ाते हुए हिप्स को उठाएं व घुटनों के बल खड़े हो जाएं। धीरे-धीरे शरीर के अगले हिस्से को फर्श की ओर ले जाएं। ठोढ़ी को फर्श से लगाएं। हथेलियों को पीछे ले जाएं और कोशिश करें कि दोनों हाथों से सिर को छू सकें। आंखों को बंद कर, रिलेक्स करें। फिर से आसन दोहराएं।

श्वासन

आंखें बंद कर जमीन पर लेट जाएं। लंबी सांस लें और धीरे-धीरे छोड़ें। सिर से लेकर पैर तक अपने शरीर के हर हिस्से पर ध्यान दें। करीब पांच मिनट तक इसी मुद्रा में रहें। सभी आसनों के लिए विशेषज्ञ का परामर्श जरूर लें।

ध्यान व प्राणयाम से भी गुस्सा कंट्रोल किया जा सकता है। किसी भी योगासन को रोजाना कम से कम 21 दिन करने से ही परिणाम दिखते हैं और हर पॉजिशन में एक बार में 1 मिनट तक रहना चाहिए।


सरवांग आसन

अपने हाथ और पैर सीधे कर जमीन पर लेट जाएं और गहरी सांस लेते हुए अपने दोनों पैरों को सीधे ऊपर की ओर उठाएं।

हिप्स को ऊपर उठाते हुए पैरों को सीधा करें और बाद में सिर की ओर 45 डिग्री का कोण बनाने की कोशिश करें। सांस लेते हुए अपने दोनों हाथों से पीठ को सहारा देें। इस स्थिति में अंगूठे शरीर के अगले हिस्से और बाकी अंगुलियां पीठ पर होनी चाहिए।

पैरों को ऊपर की ओर उठाएं। अपनी पीठ को बिल्कुल सीधा कर लें और अपनी ठोढ़ी को बिल्कुल गले के पास लगाएं।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।