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आग जलने पर बजता है,अलार्म …मेटल डिटेक्टर से पानी तल का पता….

वेस्ट मटेरियल से जेसीबी कहीं स्वच्छता और सेव वाटर का संदेश दिया
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बूंदी

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Suraksha Rajora

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Updated: 1 Mar 2018, 1:32 PM IST

Model display on Science Day

बूंदी.किसी ने पानी से चलने वाली जेसीबी बनाई तो किसी ने पानी के तल का पता लगाने के लिए यंत्र व मेंटल डिक्टेटर तो वेस्ट मटेरियल इंजेक्शन द्वारा हाईड्रोलिक जेसीबी कहीं स्वच्छता और सेव वाटर का संदेश दिया यह नजारा था बुधवार को हायर सेकेण्ड्री विद्यालय के मेदान का जहां सर्व शिक्षा अभियान की ओर से विज्ञान दिवस पर प्रदर्शनी और विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। सरकारी स्कूल के विभिन्न स्कूलों से चयनित मॉडल में बाल वैज्ञानिको ने अपने हुनर का परिचय दिया। वेस्ट मटेरियन से कई हैरत मॉडल को दशार्या गया जो लोगो की जिंदगी में काम आने वाली है। जिले के 125 स्कूलों से प्रतिभागियों ने 162 मॉडल प्रदर्शित किए।

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कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक अशोक डोगरा ने चयनित मॉडल में विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया। सर्व शिक्षा अभियान के एडीपीसी प्रमोद वर्मा ने बताया कि बाल वैज्ञानिकों का सृजन यहां उनके मन की अभिव्यक्ति कर रहा है। प्रदेश भर में राष्ट्रीय अविष्कार अभियान नाम से गतिविधि प्रारम्भ की गई है। बालको में वैज्ञानिक सोच वैज्ञानिक दृष्टिकोण राष्ट्र विकास के उद्वेश्य आयोजित कार्यक्रम में 6, 7 8 वी कक्षा के विद्यार्थियों ने मॉडल तैयार किए।

प्रथम स्थान विजेता को 1000रूपए, द्वितीय स्थान पर 750 व तृतीय स्थान वालों को 500रूपए नकद पुरस्कार दिया गया। कार्यक्रम में अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी ओम प्रकाश गोस्वामी, जिला शिक्षा अधिकारी प्रारम्भिक मुंजोले पदमाकर श्रीकांत, प्रभारी जुगराज सिंह सोलंकी व संचालन भुपेन्द्र शर्मा ने किया।

पट्रोल से नही पानी से चलता है ये एस्केवेटर

पेट्रोल और डिजल के भाव जिस तरह से आसमां छू रहें है, उससे बचने का एक ही
रास्ता है, कि गाडिय़ो में पेट्रोल की बजाय पानी उपयोग किया जाय। ने अपने
मॉडल से डीजल की जरूररत को कम करने की कोशिश की है। हिंडोली ब्लॉक अकलोर
विद्यालय के सुनिल गुर्जर व दांता विद्यालय के इलियास मोहम्मद ने वेस्ट
मटेरियल से वाइबरोमेक्स हाइड्रोलिक एस्केवेटर तैयार किया है। इसमें 8 से
ज्यादा सीरिज, ग्लूकोज पाइप, लकड़ी व प्लास्टिक शीट्स ली है। इसकी सबसे
बड़ी खासियत यह है कि कम बल लगाकर अधिक कार्य करती है।

प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली सथूर राजकीय बालिका उच्च
प्राथमिक विद्यालय की किरण भाट ने दो पैन्सिलों का उपयोग कर पानी के तल
का पता लगाने के लिए यंत्र व मेंटल डिटेक्टर बनाया। इसकी खास बात यह है
कि लाइट चली जाने पर मेटल डिटेक्टर पैंसिल टॉर्च का उपयोग किया जा सकता
है। वहीं नैनवा ब्लॉक के लुहारपुरा विद्यालय दीपक गौड ने आग जलने पर
अलार्म केसे बजता है उसे मॉडल के रूप में प्रदर्शित किया।