
देश में गोल्ड लोन की मांग लगातार बढ़ रही है। आरबीआइ की रिपोर्ट के मुताबिक, फरवरी 2025 में सोने के गहनों के बदले दिए जाने वाले कर्ज में भारी वृद्धि दर्ज की गई है। फरवरी में गोल्ड लोन में 87.4% फीसदी का तेज उछाल देखने को मिली और बांटी गई लोन राशि बढक़र 1.91 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गई। यह वृद्धि पर्सनल लोन की श्रेणी में सबसे तेज है।
एक साल पहले फरवरी 2024 यह आंकड़ा 1.02 लाख करोड़ रुपए था और इसकी वृद्धि दर भी केवल 15.2% थी। आरबीआइ के मुताबिक, फरवरी में पर्सनल लोन की वृद्धि 19% रही। यह दर्शाता है कि आर्थिक दबाव या तुरंत नकदी की जरूरत के चलते लोग अधिक मात्रा में सोना गिरवी रखकर लोन ले रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, गोल्ड लोन में यह तेजी सोने की बढ़ती कीमतों के चलते आई है। घरेलू वित्तीय तनाव ने सुरक्षित सोने के कर्ज पर निर्भरता बढ़ा दी है। लोग अपना जेवर गिरवी रखकर अधिक लोन प्राप्त कर रहे हैं। इसके चलते असुरक्षित व्यक्तिगत लोन की मांग में कमी आई है। सितंबर 2024 से बैंकों के गोल्ड लोन में 50% की औसत तेजी देखी गई है, जो कुल ऋण वृद्धि की तुलना में कहीं अधिक है।
अन्य कर्ज की स्थिति: आरबीआइ के मुताबिक, सालाना आधार पर पर्सनल लोन की वृद्धि में गिरावट आई है। फरवरी 2023 में यह दर 19.5% थी, जो इस साल घटकर 8.5% रह गई है। ऑटो लोन, कंज्यूमर लोन और होम लोन की ग्रोथ भी घटी है।
Updated on:
01 Apr 2025 08:08 am
Published on:
01 Apr 2025 08:08 am
