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खुशखबरी! बड़ी गिरावट के बाद 1100 अंक की बढ़त के साथ खुला सेंसेक्स, निफ़्टी में भी तेजी

Sensex: जापान के निक्केई और अन्य एशियाई बाजारों में सुबह की तेजी ने भी भारतीय बाजार को बल दिया।

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भारत

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Anish Shekhar

Apr 08, 2025

सोमवार की भारी गिरावट के बाद मंगलवार, 8 अप्रैल 2025 की सुबह भारतीय शेयर बाजार के लिए राहत भरी खुशखबरी लेकर आई। बेंचमार्क सूचकांकों ने शुरुआती कारोबार में शानदार उछाल दर्ज की, जिसने निवेशकों के चेहरों पर मुस्कान ला दी। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने 1.5% से अधिक की तेजी के साथ दिन की शुरुआत की, जो वैश्विक बाजारों में रिकवरी के संकेतों के अनुरूप है। यह तेजी सोमवार के 'अमंगल' के बाद एक सकारात्मक बदलाव का संकेत दे रही है, जब ट्रेड वॉर और आर्थिक मंदी की आशंकाओं ने बाजार को झकझोर दिया था।

सेंसेक्स और निफ्टी में शानदार उछाल

सुबह 9:25 बजे तक, एसएंडपी बीएसई सेंसेक्स 1,217.78 अंकों की जोरदार बढ़त के साथ 74,355.68 पर पहुंच गया। वहीं, एनएसई निफ्टी50 ने 380.50 अंकों की छलांग लगाकर 22,542.10 का स्तर छू लिया। यह उछाल न केवल भारतीय निवेशकों के लिए राहत की सांस लेकर आया, बल्कि वैश्विक बाजारों में सुधार के साथ कदमताल करता दिखाई दिया। जापान के निक्केई और अन्य एशियाई बाजारों में सुबह की तेजी ने भी भारतीय बाजार को बल दिया।

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स्थिर अर्थव्यवस्था और निवेश का मौका

जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार डॉ. वी के विजयकुमार ने इस तेजी पर टिप्पणी करते हुए कहा, "भारत के मैक्रोइकॉनमिक संकेतक स्थिर हैं। वित्त वर्ष 2026 में हम लगभग 6% की वृद्धि हासिल कर सकते हैं। खास तौर पर लार्जकैप शेयरों के मूल्यांकन उचित स्तर पर हैं।" उन्होंने लंबी अवधि के निवेशकों को सलाह दी कि वे इस मौके का फायदा उठाकर उच्च गुणवत्ता वाले लार्जकैप शेयरों, खासकर अग्रणी वित्तीय कंपनियों में निवेश शुरू कर सकते हैं। यह बयान बाजार में विश्वास जगाने वाला है, खासकर तब जब वैश्विक अनिश्चितताएं अभी भी पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं।

सोमवार की गिरावट से उबराव

सोमवार को ट्रंप के टैरिफ ऐलान और ट्रेड वॉर की आशंकाओं ने भारतीय बाजार को हिला दिया था। सेंसेक्स में 2.95% की गिरावट आई थी, जिससे निवेशकों के करीब 14.84 लाख करोड़ रुपये डूब गए थे। लेकिन मंगलवार की शुरुआत ने उस निराशा को उम्मीद में बदल दिया। वैश्विक स्तर पर क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट और एशियाई बाजारों में रिकवरी ने भारतीय बाजार को सहारा दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह तेजी बाजार के ओवरसोल्ड होने के बाद तकनीकी रिबाउंड का भी नतीजा हो सकती है।

निवेशकों के लिए क्या संदेश?

यह तेजी न केवल एक दिन की राहत है, बल्कि भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती का भी संकेत देती है। रुपये में हालिया गिरावट (85.84 प्रति डॉलर) और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बावजूद, बाजार ने साहस दिखाया है। सस्ता क्रूड ऑयल (ब्रेंट 63 डॉलर से नीचे) भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए फायदेमंद है, भले ही इसका असर अभी पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर न दिखे। निवेशकों के लिए यह मौका है कि वे बाजार की इस सकारात्मक लहर का फायदा उठाएं, खासकर उन सेक्टर्स में जो लंबी अवधि में स्थिर रिटर्न दे सकते हैं।

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