धड़ल्ले से रेत का अवैध कारोबार, तीन पोकलेन जब्त, इनमें दो यूपी की

पंचायत की रेत खदानों पर यूपी के खनिज कारोबारियों का है कब्जा, लसगरहा और बंजारी से पूरी रात हो रहा रेत का अबैध कारोबार

By: Neeraj soni

Published: 18 Dec 2018, 08:03 AM IST

छतरपुर/लवकुशनगर. जिले में पंचायतों की रेत खदानों पर बाहरी रेत कारोबारी कब्जा किए हुए हैं। सोमवार को खनिज विभाग की टीम ने चंदला क्षेत्र के लसगरहा में चल रही अवैध रेत खदान पर छापा मारकर तीन पोकलेन मशीनें जब्त की है। इनमें से दो मशीनें यूपी के बांदा की हैं। खजिन इंस्पेक्टर अजय कुमार ने बताया कि अवैध उत्खनन की सूचना पर उनकी टीम ने सोमवार को दोपहर में कार्रवाई कर एक खदान में छिपी तीन पोकलेन मशीनें जब्त की हैं। उनके नंबरों का मिलान किया जा रहा है।
खनिज विभाग की टीम के पहुंचते ही यहां से रेत कारोबारी भाग निकले। लोगों को सस्ते दर पर रेत उपलब्ध कराने के लिए शासन ने रेत की खनन नीति में बदलाव करते हुए ग्राम पंचायतों को रेत की खदानें संचालित करने के लिए अधिकृत किया है, लेकिन इन पंचायतों को रेत खदानें आवंटित होते ही रेत माफियाओं के कब्जे में चली गई और यह रेत माफिया नियमों को ताक में रखकर जमकर रेत का खनन कर रहे है लेकिन इस अबैध कारोबार को रोकने कोई भी तैयार नहीं है, क्योंकि यह रेत कारोबारी सीधे जिले के अधिकारियों से संपर्क बनाकर रखे हैं।
हिनौता थाना क्षेत्र के अंतर्गत संचालित इन दोनों रेत खदानों पर रेत कारोबारियों को पुलिस का संरक्षण है। इस कारोबार में हिनौता थाना पुलिस का खुला संरक्षण दे रही है। ग्रामीणों द्वारा इस कारोबार के संबंध जब भी कोई शिकायत करने थाने जाता है तो पुलिस द्वारा ग्रामीणों को पुलिसिया रौब दिखाकर भगा दिया जाता है। पुलिस ने शिकायत के बाद भी इन रेत माफिया पर कोई कार्रवाई नहीं की है। पुलिस के संरक्षण में जमकर रेत का उत्खनन कर रहे है। ग्रामीणों के अनुसार थाना पुलिस द्वारा प्रति ट्रक तीन से पांच हजार की राशि वसूल की जा रही है।
पुलिस अपने मुख्य उद्देश्यों से भटककर रेत के इस अवैध कार्य में शामिल रहती है।

लसगरहा पंचायत में सबसे ज्यादा अवैध कारोबार
लवकुशनगर जनपद के ग्राम पंचायत हथौंहा के अंतर्गत ग्राम पंचायत में संलग्न गांव लसगरहा के नाम से ग्राम पंचायत खदान आवंटित हुई है। यह खदान पंचायत को 2022 तक लिए दी गई है, जिसका खसरा क्रमांक 405 रकवा 12 हेक्टेयर 600 आरे है। लेकिन ग्राम पंचायत के सरपंच केशव कचेर और सचिव आरडी राजपूत ने शासन के जारी दिशा निर्देशोंं का उल्लंघन कर रहे हैं। पंचायत को जिस रकबे की रेत खदान स्वीकृत की वहां पानी भरा हुआ है रेत का खनन करने वालों द्वारा चक हथौंहा से खुलेआम आधा दर्जन एलएनटी को उतारकर खनन किया जा रहा है। पंचायत को जारी ओटीपी से सतना और पन्ना के लिए पिटपास जारी करते है। जबकि निकासी यूपी के कानपुर और लखनऊ के लिए सैकड़ों की तादाद में रोजाना ट्रकों की निकासी की जा रही है। लसगरहा के ग्रामीणों द्वारा इस रेत के अवैध कारोबार का पूर्व के दिनों में विरोध किया गया तो इन रेत माफि याओं द्वारा थाना पुलिस की मदद से ग्रामीणों को खदेड़ा दिया गया था। इस घटना के बाद से यह ग्रामीण इन रेत माफिया से डरे हुए हैं। कुछ ऐसा ही मामला हथौहा से लगी पंचायत बंजारी का है। इस ग्राम पंचायत के सरपंच बाबादीन बसोर सचिव महिपत राजपूत द्वारा पंचायत को रेत खदान अवैध रेत के कारोबारियों के सुपुर्द कर दी गई हैं। यहां शाम ढलते ही खदान पर असमाजिक तत्वों का जमावड़ा शुरू हो जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के लोगों में दहशत फैलाने के उद्देश्य से रात में खदान पर रोजाना हवाई फायरिंग की जाती है। इसके बाद केन नदी में करीब एक दर्जन एलएनटी को उतारकर जमकर रेत का खनन किया जा रहा है। सोमवार को अचानक से खदान पर हुई कार्रवाई से
हड़कंप मचा है।
अवैध खदानें चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई है। संयुक्त टीम बनाकर लगातार कार्रवाई की जाएगी। लसगरहा खदान से कार्रवाई के दौरान 3 एलएनटी मशीनें जब्त की गई हैं।
देवेश मरकाम, जिला खनिज अधिकारी

Neeraj soni Reporting
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