कोरोना का साया अब सरकारी अस्पताल पर नजर आ रहा है। लगातार तीन दिन से अस्पताल के तीन क्षेत्र कोरोना की वजह से बंद करने पड़े हैं। मंगलवार को अस्पताल का कान नाक व गला (ईएनटी) वार्ड को बंद करना पड़ा।
कोयम्बत्तूर. कोरोना का साया अब सरकारी अस्पताल पर नजर आ रहा है। लगातार तीन दिन से अस्पताल के तीन क्षेत्र कोरोना की वजह से बंद करने पड़े हैं। मंगलवार को अस्पताल का कान नाक व गला (ईएनटी) वार्ड को बंद करना पड़ा। सूत्रों ने बताया कि वार्ड में पिछले दिनों ४९ साल के एक शख्स को गले के कैंसर की सर्जरी के लिए भर्ती कराया था। उसकी सर्जरी करने से पहले कोरोना टेस्ट किया गया। मंगलवार को रिपोर्ट आने पर पता चला कि वह संक्रमित हैं। अस्पताल प्रशासन ने तत्काल वार्ड के मरीजों को दूसरी जगह स्थानांतरित किया व वार्ड पर ताला लगा दिया। पता लगा है कि कैंसर व कोरोना संक्रमित शख्स पोदनूर का रहने वाला है। इससे पहले रविवार को 27 वर्षीय फिजियोथेरेपिस्ट संक्रमित मिला था। वह पिछले दिनों विल्लुपुरम में अपनी गर्भवती पत्नी से मिलने गया था। लौटने पर सात दिन के लिए क्वारंटाइन में भी रहा था। इसके बाद ड्यूटी पर आया तो उसका कोरोना टेस्ट कराया गया था। चिकित्सा विभाग ने एहतियात के तौर पर अस्पताल के फिजियोथेरेपी वार्ड को बंद करा दिया है। इसी तरह सोमवार को एक नर्सिंग छात्रा भी कोरोना संक्रमित पाईगई। तिरुपुर की मूल निवासी १९ वर्षीय नर्सिंग छात्रा पांच जून को तिरुपुर से लौटी थी। अस्पताल में प्रशिक्षण के लिए पहुंचने पर उसका कोरोना टेस्ट किया गया। आठ जून को इसकी रिपोर्टपॉजिटिव मिलने पर हड़कम्प मच गया। नर्सिंग हॉस्टल की पहली मंजिल को सील कर दिया। पास के कमरों में रहने वाले सहपाठियो व सम्पर्कमें आए ४० लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई।