
भारतीय तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार का कहना है कि वह टेस्ट क्रिकेट के बदले सीमित ओवर के क्रिकेट को प्राथमिकता नहीं देते हैं और जिस प्रारूप में उन्हें खेलने के लिए कहा जाएगा वह उसके लिए तैयार हैं। श्रीलंका के खिलाफ सीमित ओवरों की सीरीज के लिए टीम के उपकप्तान बनाए गए भुवनेश्वर ने कहा, ईमानदारी से कहूं तो मेरे लिए प्राथमिकता बोलकर कुछ नहीं है, चाहे लाल गेंद हो या सफेद।
तीनों प्रारूप में खेलने के लिए तैयार
साथ ही उन्होंने कहा,'अगर मुझे टेस्ट क्रिकेट के लिए चुना जाता है तो मैं इसमें योगदान देने की कोशिश करूंगा। मैं टेस्ट क्रिकेट के ऊपर सीमित ओवरों के क्रिकेट को प्राथमिकता नहीं देता हूं। सभी प्रारूपों में खेलने के लिए सामान्य रूप से काम करता हूं। उन्होंने कहा,'अगर मुझे किसी भी प्रारूप में खेलने का मौका मिलता है तो मैं इसमें योगदान देने की कोशिश करूंगा। मैंने खुद को तीनों प्रारूप में खेलने के लिए तैयार किया है।'
2018 के बाद नहीं खेला टेस्ट
31 वर्षीय तेज गेंदबाज ने जनवरी 2018 के बाद से टेस्ट नहीं खेला है। वह आखिरी बार दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट खेले थे। भुवनेश्वर ने कहा, 'मैं अपने करियर से संतुष्ट हूं। चोट लगती रहती है और उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। मैं चोट से जल्द से जल्द उबरकर ग्राउंड में वापसी करने की कोशिश करता हूं। मैं जो भी योगदान दे सकता हूं, भविष्य में भी देना चाहता हूं।' भुवनेश्वर ने भारत के लिए अबतक 117 वनडे और 48 टी20 मैच खेले हैं और वह टीम के अनुभवी गेंदबाज हैं।
'पाकिस्तान के खिलाफ खेलना हमेश रोमांचक'
भुवनेश्वर कुमार ने भारत—पाकिस्तान मैच को लेकर कहा कि पाकिस्तान के खिलाफ खेलना हमेशा रोमांचक होता है और इस मैच में हमेशा दबाव रहता है। ऐसे में यह यह मुकाबला बेहद कड़ा होगा। साथ ही उन्होंने कहा फिलहाल उन्होंने इसके बारे में कुछ सोचा नहीं है, कि यह कैसा होगा क्योंकि अभी इससे पहले काफी क्रिकेट बचा है। उनका कहना है कि अभी टीम को श्रीलंका में मैच खेलने हैं, इंग्लैंड में टेस्ट मैच है, फिर आईपीएल है और इसके बाद विश्व कप होगा। उनका कहना है कि आईपीएल खत्म होने के बाद वे विश्व कप के बारे में सोचना शुरू कर देंगे।
Published on:
17 Jul 2021, 1:44 PM IST
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