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ताबड़तोड़ घटनाओं से दहला बिहार, 365 दिन में 22 हजार जघन्य आपराधिक मामले दर्ज

बिहार में अपराध का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है। पुलिस आंकड़ों पर गौर करें तो बिहार में अपराध रेट पिछले साल की अपेक्षा इस बार काफी पढ़ा है।
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Mohit sharma

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Updated: 3 Oct 2018, 12:55 PM IST

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क्राइम स्टेट बना बिहार! 24 घंटे में पांच हत्याएं, इस साल 8 प्रतिशत बढ़ गया क्राइम रेट

नई दिल्ली। बिहार सरकार राज्य में कानून व्यवस्था में सुधार के लाख दावे कर ले लेकिन हकीकत यह है कि राज्य के अपराधियों के हाथ में अब एके-47 की पहुंच हो गई है। हाल ही में अंडा कारोबारी की हत्या और उससे पहले मुंगेर जिले से कई एके-47 की बरामदगी, तस्करों की गिरफ्तारी और उनके बयानों ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि बिहार में अपराधियों के पास अब देसी कट्टे और बंदूकों को जगह एके-47 ने ले ली है। वहीं, राज्य में अपराध का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है। पुलिस आंकड़ों पर गौर करें तो बिहार में आपराधिक रेट पिछले साल की अपेक्षा इस बार काफी बढ़ा है।

मुजफ्फरपुर: 1.5 करोड़ की फिरौती ने मिलने पर अपहृत कारोबारी की हत्या, दहशत में लोग

पुलिस मुख्यालय द्वारा बताए गए आंकड़ों से पता चलता है कि अगस्त 2017 में संज्ञेय अपराधों की संख्या 20,096 से बढ़कर अगस्त 2018 में लगभग 21,709 हो गई, जो 8 प्रतिशत से अधिक है। यह भी एक तथ्य है कि कानून के शासन के बारे में धारणा लोगों के बीच नकारात्मक हो रही है। वहीं, राज्य में बढ़ते अपराध के ग्राफ को लेकर विपक्ष लगातार नीतीश सरकार पर हावी होता जा रहा है। राज्य में मुख्य विपक्षी दल राजद नेता तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में कानून—व्यवस्था पूरी तरह से धराशायी हो चुकी है और सरकार का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। राजद का कहना है कि बिहार में इस समय लोगों में दशहत का माहौल है और उनमें अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता है।

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आपको बता दें कि पिछले दो दिनों के भीतर 5 हत्याओं से दहल गया है। बुधवार को 1.5 करोड़ की फिरौती न मिलने पर एक अंडा करोबारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यहां चौंकाने वाली बात यह है कि मृतक कारोबारी के परिजन अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए दो दिनों तक पुलिस थाने के चक्कर लगाते रहे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं है। वहीं, पिछले दिनों मुजफ्फरपुर में पूर्व महापौर समीर कुमार सिंह और उनके चालक की रविवार को अज्ञात अपराधियों ने सरेराह हत्या कर दी थी। पुलिस जांच में पता चला कि अपराधियों ने समीर की गाड़ी को घेर कर एके-47 से गोलियों की बौछार कर दी थी, जिसमें दोनों की मौत हो गई। समीर सिंह की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह बात सामने आई कि एके-47 की अंधाधुंध गोलीबारी में पूर्व महापौर को 16 गोलियां लगीं, जबकि उनके चालक को 12 गोलियां।

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बिहार में अपराधिक घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। पिछले 24 घंटे के दौरान अपराधियों ने कहर बरपाते हुए एक के बाद एक 5 हत्या की घटनाओं को अंजाम दे डाला। ये पांचों घटनाएंं पटना के नौबतपुर, अरवल, सीतामढ़ी, औरंगाबाद व मुजफ्फरपुर में हुई हैं। बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर लिखा कि मुजफ्फरपुर में पूर्व मेयर को दिन-दहाड़े एके-47 से मार दिया गया। नीतीशजी की नाकामियों से बिहार में एके-47 आम हथियार हो गया है।