
देहरादून: 18 साल पहले की थी नकल, अब जाकर पुलिस ने किया गिरफ्तार
नई दिल्ली। देश में रोजाना क्राइम होते हैं। कहीं कोई किसी को गोली मार कर निकल जाता है तो कहीं लोगों के घरों और दूकानों पर चोर हाथ साफ कर जाते हैं। ऐसे मामले लंबे समय तक पुलिस की अनदेखी की वजह से लंबित पड़े रहते हैं और इन गुनाहों को करने के बाद भी आरोपी बेखौफ बाहर धूमते रहते हैं। लेकिन उत्तराखंड से ऐसा मामला सामने आया है जहां पुलिस ने 18 साल पूराने नकल के मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। बता दें कि 2000 में जब यूपी और उत्तराखंड विभाजित नहीं हुए थे उस समय बोर्ड परीक्षा में इस व्यक्ति ने नकल की थी।
18 साल पुराने नकल के मामले में गिरफ्तार
18 साल पहले नकल करने के दौरान पकड़े जाने के बाद उसे निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया था। वहीं साल 2005 में कोर्ट ने उसे भगौड़ा घोषित कर दिया था, जिसके बाद एसपी ने आरोपी को पकड़ने के लिए 2500 रुपए का इनाम घोषित कर दिया था। तब से अब तक गायब आरोपी को पुलिस ने शनिवार को न्याकि मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया, जहां उसे जमानत मिल गई।
पहले निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया था
थानाध्यक्ष मनीष खत्री के मुताबिक आरोपी महेश सिंह रावल टनकपुर का रहने वाला है। उसने साल 2000 में जीआईसी लोहाघाट में इंटरमीडिएट की व्यक्तिगत बोर्ड परीक्षा दी थी। परीक्षा के दौरान वह नकल करते पकड़ा गया था। इस समय उसे निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया था। आरोपी के खिलाफ 3/9 यूपी परीक्षा अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
ढाई हजार रुपए का लगाथा जुर्माना
वहीं, पांच साल बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत की ओर से महेश को भगोड़ा घोषित किए जाने पर पुलिस ने आरोपी को दबोचने के लिए ढाई हजार रुपए का इनाम रखा था। एसओ ने बताया कि इस संबंध में हमे मुखबिर से सूचना मिली की आरोपी को शनिवार बलांई पुल के पास आएगा। पहले से मौजूद पुलिस ने उसके आते ही उसे गिरफ्तार कर दिया। आरोपी को न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत से जमानत पर रिहा कर दिया गया।
Updated on:
30 Sept 2018 06:56 pm
Published on:
30 Sept 2018 06:56 pm
