गृह मंत्रालय ने जारी किया अलर्ट, ईमेल-मैसेज पर नौकरी के ऑफर मिल रहे हैं तो रखें सावधानी

गृह मंत्रालय के साइबर सिक्योरिटी हैंडल साइबर दोस्त का अलर्ट जारी।
साइबर हमलों से सतर्क रहने की जरूरत है।
डिजिटल ट्रांजेक्शन में धोखाधड़ी के केस 28 प्रतिशत तक बढ़े।
पिछले साल फ्रॉड के मामलों में 25000 करोड़ का नुकसान हुआ।
टेलीकॉम सेक्टर में 200 प्रतिशत ठगी बढ़ी है।
कारोबारी जगत ने 46 प्रतिशत ज्यादा साइबर फ्रॉड की चुनौती देखी।
लॉजिस्टिक में फ्रॉड 224 प्रतिशत बढ़ा है।

By: विकास गुप्ता

Published: 21 Jun 2021, 07:28 PM IST

नई दिल्ली । कोरोना महामारी में भी साइबर अपराधी मौके का फायदा उठाकर नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से पैसे लूट रहे हैं। अब गृह मंत्रालय ने ऐसे फ्रॉड को लेकर अलर्ट जारी किया है। अगर आपको भी ईमेल या मैसेज के जरिए नौकरी का ऑफर आया है, तो अप्लाई करने से पहले अच्छे से जांच-पड़ताल कर लें। सरकार की तरफ से हमेशा इन धोखेबाजों से बचने और किसी भी लालच में नहीं आने की सलाह दी जा रही है। धोखेबाज ऑनलाइन नौकरी के अवसरों के लिए सरकार और कॉरपोरेट संगठनों के नाम का भी दुरुपयोग कर रहे हैं।

वेबसाइट पर जाकर करें शिकायत-
गृह मंत्रालय के साइबर सिक्योरिटी ट्विटर हैंडल साइबर दोस्त की ओर से अलर्ट जारी कर बताया गया है कि किस तरह से धोखेबाजों से बचा जा सकता है। अगर आपको लगता है कि आपके साथ कुछ गलत हो रहा है, तो आप इसकी शिकायत साइबर दोस्त की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर सकते हैं।

जारी किया गया है यह अलर्ट -
साइबर दोस्त के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर कहा गया है कि आपके ईमेल या मैसेजिंग ऐप पर भेजे गए फर्जी जॉब अपॉइंटमेंट लेटर से सावधान रहें। जालसाज रजिस्ट्रेशन या इंटरव्यू चार्ज के नाम पर आपको ठग सकते हैं। नौकरियों के लिए आवेदन करने से पहले सभी वेबसाइटों की प्रामाणिकता सत्यापित करें।

यूपीआइ फ्रॉड को लेकर किया सावधान -
साइबर दोस्त ने यूपीआइ फ्रॉड को लेकर लोगों को सावधान किया है। सरकार ने कहा कि अपने यूपीआइ पिन को किसी दूसरे के साथ साझा नहीं करें। आकर्षक विज्ञापन ऑफर पर क्लिक न करें, जो आपका यूपीआइ पिन मांगते हैं और आपके पैसे काटने का प्रयास करते हैं। किसी अज्ञात स्रोत से प्राप्त किसी भी क्यूआर कोड को स्कैन न करें।

विकास गुप्ता
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