जानकारी के अनुसार आग में करीब आठ लाख रुपए मूल्य के सोने-चांंदी के जेवरात, एक लाख ग्यारह हजार की नकदी, खाने पीने के सभी सामान, बिस्तर, कपड़े, 50 मन गेहंू, पांच बोरी मूंगफली, चार बोरी बाजरा, 15 कट्टे खाद, पाइप समेत अन्य सामान भी जल कर राख हो गया। अब स्थिति यह है कि त्रिलोक चंद के परिवार के पास कपड़े तक भी नहीं बचे हैं।