उत्तराखंड में शनिवार को चारधाम के कपाट रहेंगे। वहीं, कुमाऊं के जागेश्वर धाम में कपाट बंद करने को लेकर पुजारियों ने ये व्यवस्था की है। जानिये कल चार धाम और जागेश्वर धाम के कपाट कितने बजे बंद होंगे।
29 अक्तूबर की मध्यरात्रि 1:04 बजे से चंद्रग्रहण लगने वाला है। ग्रहण से नौ घंटे पहले सूतककाल शुरू हो जाता है। सूतककाल लगते ही चार धाम के कपाट बंद करने का निर्णय लिया गया है। इसी को देखते हुए मंदिर समिति ने शनिवार को चंद्रग्रहण के चलते बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में मंदिर के कपाट शाम चार बजे बंद करने का निर्णय लिया है।
जागेश्वर धाम 5:20 बजे कपाट बंद होंगे
जागेश्वर धाम में रामदत्त जोशी के पंचांग और निर्णय सिंधु के अनुसार पुजारी मंदिर में सायंकालीन आरती करेंगे। पुजारी हेमंत भट्ट, शुभम भट्ट, लक्ष्मी दत्त भट्ट, ज्योतिष पंडित खीमानंद भट्ट, पंडित भैरव दत्त भट्ट ने बताया कि कुमाऊं के पंचांग के अनुसार गोधुली का समय देव पूजन के लिए उत्तम बताया गया है। उन्होंने बताया कि ग्रहण से तीन प्रहर पहले सूतककाल शुरू हो जाता है। दिन में चार प्रहर होते हैं। दिन और रात का समय 12—12घंटे तय किया गया है। लेकिन जाड़ों में दिन 12 घंटे का नहीं नहीं होता है। इसलिए उन्होंने शनिवार सायं 5:20 बजे से पहले सायंकालीन आरती पूरी कर कपाट बंद करने का निर्णय लिया है।
शुद्धिकरण के बाद खुलेंगे कपाट
बदरी-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने बताया कि 29 अक्तूबर की मध्यरात्रि में 1:04 बजे से चंद्र ग्रहण शुरू हो रहा है। इससे नौ घंटे पूर्व 28 अक्तूबर की शाम चार बजे चार धाम के कपाट बंद कर दिए जाएंगे। रविवार सुबह शुद्धिकरण के बाद कपाट खोल दिए जाएंगे।
कल सुबह 11 से 2 बजे तक बंद रहेंगे कपाट
बदरीनाथ मंदिर समिति ने बताया कि शनिवार को 11 बजे राजभोग लगेगा। साथ ही मंदिर में सफाई की जाएगी। इस दरमियान 11 बजे से 2 बजे तक मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए बंद रहेंगे। सायंकालीन आरती के बाद शाम चार बजे मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाएंगे।
चार बजे से पहले होगी सायंकालीन आरती
चंद्र ग्रहण के चलते गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिर के कपाट भी बंद किए जाएंगे। उसके बाद कपाट रविवार को खोले जाएंगे। शनिवार शाम चार—सवा चार बजे के बीच गंगोत्री मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाएंगे। सायंकालीन आरती भी शाम चार बजे से पहले की जाएगी।