
उपनल कर्मियों ने शुक्रवार को सीएम से मुलाकात कर उनका आभार जताया। फोटो सोर्स सूचना विभाग
Gift For UPNL Employees : 21 हजार से अधिक उपनल कर्मियों को तीन साल के भीतर समान कार्य समान वेतन का लाभ मिलने लगेगा। बता दें कि उत्तराखंड में उपनल कर्मी 2018 से समान कार्य-समान वेतन की मांग पर आंदोलनरत थे। 2018 में ही हाईकोर्ट ने उपनल कर्मियों को समान कार्य के लिए समान वेतन देने के आदेश जारी कर दिए थे। इस पर सरकार सुप्रीम कोर्ट चली गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने भी हाईकोर्ट के आदेश को जारी रखा था। गुरुवार को सीएम पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में उपनल कर्मियों को समान कार्य के लिए समान वेतन देने के प्रस्ताव पर मुहर लग गई थी। प्रस्ताव के मुताबिक पहले चरण में उन उपनल कर्मियों को समान कार्य-समान वेतन की श्रेणी में रखा गया है जोकि न्यूनतम 10 साल की सेवाएं पूरी कर चुके हैं। अब सरकार शेष उपनल कर्मियों को भी तीन साल के भीतर समान कार्य समान वेतन की श्रेणी में लाने की तैयारी में जुट गई है। इधर, सीएम पुष्कर सिंह धामी के मुताबिक, उपनल कर्मचारी राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उनके हितों की रक्षा के लिए सरकार संकल्पित है। सीएम ने कहा कि शेष कर्मियों के संबंध में भी यथासमय निर्णय किया जाएगा। इधर, समान कार्य समान वेतन लागू होने की खुशी में उपनल कर्मचारी महासंघ ने कल सीएम पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर उनका आभार जताया।
उत्तराखंड में उपनल में वर्तमान में पूर्व सैनिक, उनके आश्रित और सिविलियन की तीन श्रेणियों में 21 हजार 599 लोग विभिन्न सरकारी-गैर सरकारी विभागों में आउटसोर्स के आधार पर सेवाएं दे रहे हैं। इनमें 4402 पूर्व सैनिक और 4080 सैनिकों के आश्रित हैं। वहीं, सिविलियन श्रेणी के कार्मिकों की संख्या करीब 13117 है। इनमें भी राज्य के भीतर सरकारी विभागों-निगमों में कार्यरत कर्मचारियों की संख्या 14 से 15 हजार के करीब ही है। तीन साल के भीतर सरकार सभी उपनल कर्मियों को समान कार्य के लिए समान वेतन देने की तैयारी में जुट गई है। मानकों के दायरे में आने पर उपनल कर्मियों को 2400 ग्रेड पे मिलने लगेगा।
Updated on:
17 Jan 2026 08:34 am
Published on:
17 Jan 2026 08:32 am
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