देवघर

रावण की घोर तपस्या से यह ज्योतिर्लिंग हुआ था स्थापित, लोग मानते हैं महान राजा व प्रकांड पंडित…

Ravan Dahan 2019: भगवान शंकर का आशीर्वाद हैं (12 jyotirlinga Darshan) 12 ज्योतिर्लिंग, रावण की (Ravana's Specialities) तपस्या से हुई इस ज्योतिर्लिंग की (Baba Baidyanath Dham) स्थापना, नहीं होता है (Ravan Dahan Near Me) रावण दहन (Ravan Dahan), (Biggest Ravan In India) लोग मानते है (Dussehra 2019) महा पंडित और पराक्रमी राजा...

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Oct 08, 2019
रावण की घोर तपस्या से यह ज्योतिर्लिंग हुआ था स्थापित, लोग मानते हैं महान राजा व प्रकांड पंडित...

(देवघर): पूरे देश में बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक स्वरूप विजयादशमी (Dussehra 2019) का त्यौहार मनाया जा रहा है। इसी दिन मर्यादा पुरुषोत्तम राजा राम ने बुराई के प्रतिक राक्षस राजा रावण (Ravan) का वध किया था। उसी की याद में प्रत्येक वर्ष लोग दशहरे पर रावण के पुतले फूंक उत्सव मानते है, किन्तु बाबा धाम देवघर में ऐसा कतई नहीं होता आज भी रावण यहाँ के लोगों के लिए लए आदरणीय ही है। इसके पीछे बहुत बड़ी वजह है।


यह है वजह...

बाबा धाम देवघर (Baba Dham Deoghar) में रावण दहन नहीं होता है। हालांकि दशाहरे पर मां माँ दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन होता है और मेले लगते है लोग उत्सव मानते है। बाबा धाम के राज पुरोहित माया शंकर शास्त्री ने बताया कि बैद्यनाथ धाम देवघर में रावण को लोग राक्षस नहीं बल्कि राजा और महान पंडित मानते है। उन्होंने बताया कि रावण की वजह से ही द्वादश ज्योतिर्लिंग (12 jyotirlinga Darshan) की स्थापना देवघर में हुई है। उन्होंने ही विश्वकर्मा से बाबा मंदिर का निर्माण कराया। मंदिर के शिखर में चन्द्रकांत मणि लगाया। शिवगंगा सरोवर की भी उत्पत्ति की। शिव तांडव श्त्रोतम और महीधर संहिता आदि की रचना करने वाले लंका पति रावन बाबाधाम के लोगो के लिए राजा सामान है।


आज तक चल रही पुरानी पूजा पद्धति

बाबाधाम धर्मरक्षिणी सभा के अध्यक्ष बिनोद दत्त द्वारी का कहना है कि बाबा मंदिर का नाम भी रावणेश्वर बैद्यनाथ ही है। लोग इन्हें महान विद्वान और प्रकांड पंडित मानते है। इसलिए दशहरा पर इनके पुतले फूंके नहीं जाते तथा इनके द्धारा स्थापित पूजा पद्धति ही यहाँ आज तक प्रचलित है।

Published on:
08 Oct 2019 04:27 pm
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