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चहेते ठेकेदारों को अधिकारियों ने बांट दी करोड़ों की राशि, मुख्यमंत्री व मुख्य सचिव से की गई शिकायत

locationडिंडोरीPublished: Feb 02, 2024 02:42:18 pm

Submitted by:

shubham singh

प्रभारी सीईओ और सहायक लेखाधिकारी पर नियम विरुद्ध भुगतान करने का आरोप

Officials distributed crores of rupees to favorite contractors, complaint made to Chief Minister and Chief Secretary
Officials distributed crores of rupees to favorite contractors, complaint made to Chief Minister and Chief Secretary

डिंडौरी. मनरेगा योजना के तहत कराए जा रहे निर्माण कार्य में सामग्री भुगतान में गड़बड़ी, मजदूरों की जगह मशीन से काम कराए जाने व निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। जिम्मेदार मनरेगा परिष के निर्देशों को ताक पर रखकर कार्य करा रहे हैं। जनपद पंचायत डिंडौरी अंतर्गत मनरेगा के तहत कराए गए कार्यों में सामग्री भुगतान को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगे हैं। मामले में जनपद सदस्य संतोष सिंह चंदेल ने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग सहित कलेक्टर डिंडौरी से शिकायत करते हुए जनपद पंचायत डिंडौरी के प्रभारी सीईओ और सहायक लेखाधिकारी के विरूद्ध गंभीर आरोप लगाते हुए जांच की मांग की हैं। शिकायत में जनपद सदस्य ने उल्लेख किया है कि मनरेगा के तहत कराए गए निर्माण कार्यो में उपयोग की गई सामग्री के भुगतान किए जाने कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा जनपद पंचायत डिंडौरी को राशि आवंटित कर मध्यप्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद द्वारा दिशा निर्देश जारी कर प्राथमिकता के आधार पर भुगतान किए जाने का आदेश 12 जनवरी 2024 को जारी किया था। आदेश का उल्लंघन करते हुए प्रभारी सीईओ जनपद पंचायत डिंडौरी एवं सहायक लेखाधिकारी ने चहेते ठेकेदारों से गठजोड़ कर सामुदायिक कार्यो का करोड़ो रुपए का भुगतान कर दिया है। वहीं हितग्राही मूलक कार्यों का भुगतान वर्षो से लंबित हैं। इसे लेकर लोगों में आक्रोश व्याप्त है। बताया गया कि मेट, कुशल, अर्धकुशल मजदूरों के भुगतान के लिए 22 लाख रुपए लबित है। इनका भुगतान रोककर चहेते ठेकेदारों को भुगतान किया गया हैं। जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायतो में सैकडो की संख्या में हितग्राही मूलक कार्यो के भुगतान वर्षो से लंबित हैं। जिम्मेदारों के स्वहित सिद्ध न होने के चलते हितग्राही मूलक कार्यो के भुगतान में विलंब किया जा रहा है, जिससे हितग्राही परेशान हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सहायक लेखाधिकारी द्वारा मनरेगा पोर्टल में किए गए एमआईएस सामग्री बिलो को अनेको बार डिलिट कर नए सिरे से दर्ज किया जाता हैं, जिससे पोर्टल में बिल की तिथि वर्तमान में प्रदर्शित होती हैं। जनवरी 2024 में जनपद पंचायत डिंडौरी द्वारा लगभग 2 करोड़ 50 लाख रुपए का भुगतान मनरेगा परिषद के दिशा निर्देशों के विपरीत किया गया है। सामुदायिक कार्य अंतर्गत ग्राम पंचायत अमनी पिपरिया में पुलिया निर्माण कार्य का, औरई में एप्रोच रोड का, बिजौरी में मिनी परकोलेशन टैंक का, चिचरिंगपुर में चैकडेम का, दर्रीमोहगॉव में पुलिया निर्माण का, देवरी में एप्रोच रोड का, दुहनिया में परकोलेशन टैंक का, इमलई में पुलिया का, गणशपुर में पुलिया निर्माण एवं चैकडेम का , हिनौता, कसईसोडा, केवलारी, कुईमाल, मेरमाल, नरिया, सारसताल, सरहरी समेत अन्य ग्राम पंचायतो में सिर्फ सामुदायिक कार्यों का भुगतान किया गया है, जबकी हितग्राही मूलक कार्यो का प्राथमिकता के आधार पर पहले भुगतान किया जाना था। जनपद सदस्य ने शिकायत करते हुए डिंडौरी जनपद पंचायत द्वारा मनरेगा परिषद के आदेश के विपरीत सामग्री मद भुगतान में की गई अनियमतिता की उच्च स्तरीय जांच कराने एवं समुचित कार्रवाई करने की मांग की हैं।

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