
जलीय जीवों के अस्तित्व पर भी मंडरा रहा खतरा
बजाग. रेत की खदानों पर प्रतिबंध लागू होने के बाद भी रेत का अवैध कारोबार धड़ल्ले से जारी है। गोरखपुर से रूसा तक नदियों से रेत का उत्खनन कर परिवहन किया जा रहा है। नर्मदा नदी पर भी रेत का अवैध उत्खनन जोरों से चल रहा है। रेत कारोबारी हर रोज बड़े बड़े वाहनों से रेत निकाल कर नदी का सीना छलनी कर रहे हंै। बारिश के दिनों में नदी के अंदर से रेत का उत्खनन करने से जलीय जीवों के अस्तित्व पर भी खतरा मंडरा रहा है। करंजिया विकासखंड के गोरखपुर से लेकर रूसा के आसपास तक लगभग बीस किमी. के दायरे में नर्मदा नदी के घाट-घाट से रोजाना सैकड़ों ट्रैक्टर व अन्य बड़े वाहनों से रेत की निकासी की जा रही है। चर्चा यह भी है कि विभाग और रेत के पूर्व ठेकेदार के आपसी गठजोड़ के चलते रेत चोरी करने वालो पर कार्रवाई नहीं की जा राही है। ग्राम पाटन में मुख्यमार्ग पर नाका बनाया गया है जो की प्रतिबंध के पहले इस पर से रेत ले जा रहे वाहनों की चेकिंग के लिए बनाया गया था, लेकिन रेत खदान पर प्रतिबंध लग जाने के बावजूद भी यह नाका पूर्व की तरह विधिवत चालू है। इस नाके से रोजाना दर्जनों वाहन रेत भरकर पार हो रहे हैं जिसकों लेकर विभाग अंजान बना हुआ है।
Published on:
22 Jul 2024 12:17 pm
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