
आजकल ज्यादातर लोग डायबिटीज की समस्या से परेशान हैं। इसके अलावा उन्हें सर्दी-जुकाम, बुखार, वायरल, इंफेक्शन आदि बीमारियां होती रहती है। ऐसे में व्यक्ति की इम्यून पॉवर कमजोर हो गई है। इम्यूनिटी को बूस्ट करने और बीमारियों से छुटकारा पाने के लिए महंगी दवाईयों की नहीं, बल्कि सदाबहार के कुछ फूल ही काफी होंगे।

ज्यादातर घरों में पाये जाने वाले सदाबहार के फूल, जिन्हें बारोमासी के नाम से भी जाना जाता है, ये न सिर्फ देखने में अच्छे लगते हैं, बल्कि ये कई बीमारियों को जड़ से खत्म करने में भी कारगर है। इस फूल के सेवन से डायबिटीज ठीक हो जाता है। इसे इस्तेमाल करने के लिए रोज सुबह खाली पेट सदाबहार के सफेद फूलों की 6 से 7 पत्तियां चबाकर खानी चाहिए।

ब्लड में मौजूद शुगर को कम करने के लिए आधे गिलास गर्म पानी में चार से पांच गुलाबी सदाबहार के फूल डूबोकर 5 मिनट के लिए रखें। अब इस फूल को हटाकर बचा हुआ पानी पी लें। इसे रोजाना खाली पेट पीने से शुगर का स्तर कम हो जाएगा।

सदाबहार का फूल सांप और बिच्छू के काटने पर फैले जहर को निकालने में भी मदद करता है। सदाबहार की पत्तियों में विंडोलीन नामक क्षार तत्व पाया जाता है। ये जहर के असर को कम करने में सहायक होता है। इसके अलावा ये डिप्थीरिया नामक बीमारी से भी छुटकारा दिलाने में मदद करता है। इसकी पत्तियों में मौजूद तत्व कारिनेबैक्टीरियम डिप्थेरी नामक जीवाणुओं से लड़ने के लिए सक्रिय हो जाता है।

अगर किसी को बवासीर की बीमारी है तो सदाबहार के फूल का उपयोग इसमें भी फायदेमंद होता है। इससे छुटकारा पाने के लिए सदाबहार के फूल और पत्तियों को पीसकर उसका रस निकाल लें। अब रोजाना एक चम्मच इसका रस पिएं। इससे आराम मिलेगा। साथ ही बवासीर से हुए घावों को भरने के लिए पत्तियों के पेस्ट को प्रभावित स्थान पर लगाएं।

सदाबहार के फूल की पंखुडियों और इसकी पत्तियों को चबाने से इम्यून सिस्टम मजबूत होता है। इससे हाई ब्लड प्रेशर की समस्या भी खत्म होती है। इसके नियमित सेवन से हार्ट भी स्वस्थ रहता है।

अगर आप फोड़े—फुंसी की समस्या से परेशान है तो सदाबहार का फूल इसके लिए भी बहुत उपयोगी है। इसे इस्तेमाल करने के लिए इसकी पत्तियों को पीसकर दूध में मिलाकर प्रभावित स्थान पर लगाने से ये ठीक हो जाता है। ये मुंहासों की समस्या को हल करने में भी बहुत उपयोगी है। ये खाज—खुजली और काले धब्बों आदि स्किन की समस्याओं को ठीक करने में कारगर है।

सदाबहार के फूल और पत्तियों के रस के सेवन से कैंसर जैसे खतरनाक रोग से भी लड़ा जा सकता है। ये कैंसर को फैलने वाले सेल्स को खत्म करता है। साथ ही ये बॉडी की इम्यूनिटी बूस्ट करके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढाता है।

कई लोगों को मामूल चोट लगने पर भी बड़ा घाव बन जाता है। उन्हें जल्दी इंफेक्शन हो जाता है। इसे ठीक करने के लिए सदाबहार के फूल की पत्तियों को तोड़कर उसका दूध घाव पर लगाएं। इससे जख्म जल्दी भर जाएगा।

चेहरे की झाइयां एवं कालापन दूर करने के लिए सदाबहार के फूलों को दूध के साथ पीसकर चेहरे पर लगान से स्किन बेदाग बनती है। साथ ही इससे चेहरे पर निखार आता है। ये त्वचा के सेल्स को हाइड्रेटेड रखने में मदद करता है।