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इस कारण शनि की अशुभ दृष्टि पड़ते ही सबकुछ हो जाता है नष्ट, वजह जानने के बाद आप भी रहेंगे सतर्क

शनिदेव की माता का नाम छाया और पिता सूर्य देव है। शनि जिस भी व्यक्ति पर अपनी अशुभ दृष्टि डाल दें वह नष्ट हो सकता है। शनि देव को प्रसन्न करने के लिए शनिवार का दिन महत्वपूर्ण माना जाता है।

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इस कारण शनि की अशुभ दृष्टि पड़ते ही सबकुछ हो जाता है नष्ट, वजह जानने के बाद आप भी रहेंगे सतर्क

इस कारण शनि की अशुभ दृष्टि पड़ते ही सबकुछ हो जाता है नष्ट, वजह जानने के बाद आप भी रहेंगे सतर्क

नई दिल्ली। शनिदेव को कर्म फल दाता कहा जाता है और प्रत्येक व्यक्ति को वे उसके कर्मों के अनुसार ही शुभ और अशुभ फल प्रदान करते हैं। शनिदेव के प्रकोप से हर व्यक्ति उनसे डरकर रहता है क्योंकि माना जाता है कि जिस व्यक्ति पर उनकी अशुभ दृष्टि पड़ गई उसका अनिष्ट कोई नहीं रोक सकता। पौराणिक कथाओं में इस बात को सिद्ध किया गया है कि शनिदेव जिस भी व्यक्ति पर बुरी नज़र डाल देते हैं उस व्यक्ति का जीवन मुसीबत और समस्याओं भरा रहता है।

1.स्कंदपुराण के अनुसार कहा जाता है कि शनिदेव एक देवता हैं और उनका शनिग्रह से कोई संबंध नहीं था और वे सूर्य देव के पुत्र हैं।

2.शनिदेव की माता का नाम छाया था और उनकी माता ने पुत्र प्राप्ति के लिए भगवान शंकर की कठोर तपस्या की जिसके लिए भयंकर धूप और गर्मी में खड़े रहने के कारण शिशु का रंग काला हो गया।

3.शास्त्रों के अनुसार कहा जाता है कि ज्येष्ठ महीने के कृष्ण पक्ष की अमावस्या के दिन शनिदेव का जन्म रात के समय हुआ और उनके काले रंग के कारण सूर्यदेव ने उन्हे अपना पुत्र मानने से इंकार कर दिया।

4.सूर्य देव द्वारा अपनी पत्नी छाया का अपमान करने के कारण शनिदेव क्रोधित हुए। वहीं ब्रह्म पुराण इसको लेकर कुछ और ही बात बताता है।

5.ब्रह्म पुराण में शनिदेव की दृष्टि को अशुभ माने जाने के बारे में एक अन्य कथा में कहा गया है कि शनि देव भगवान कृष्ण के परम भक्त थे और सदैव उनकी भक्ति में लीन रहते थे।

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6.उनकी पत्नी साध्वी और बहुत ही तेजस्वी थी और एक बार पुत्र प्राप्ति की इच्छा से उनकी पास पहुंची और पाया कि शनिदेव भगवान कृष्ण के ध्यान में बैठे हैं।

7.पत्नी द्वारा उनका ध्यान समाप्त होने की प्रतीक्षा की गई परंतु काफी समय बाद भी शनिदेव ने उनकी कोई सुध नहीं ली जिससे वे क्रोधित हो गई।

8.शनिदेव की पत्नी ने क्रोधित होकर उन्हे श्राप दे दिया की जिस भी व्यक्ति को वे देख लेंगे वह नष्ट हो जाएगा और ध्यान टूटने के बाद में शनिदेव ने अपनी पत्नी से अपनी भूल की माफ़ी मांगी।

9.इस कथा के अनुसार कहा जाता है की उसी दिन से शनिदेव अपना सिर नीचे करके चलते हैं क्योंकि जिस व्यक्ति पर उनकी दृष्टि पड़ जाए उस व्यक्ति का जीवन मुश्किलों से भर जाता है।

10.शास्त्रों में इन्ही बातों को मुख्य कारण माना गया है कि जिस भी व्यक्ति पर शनि की दृष्टि पड़ जाए उस व्यक्ति को उनके प्रकोप से कोई नहीं बचा सकता।