
हेमंत करकरे के कारण ही जिंदा पकड़ा गया था मुंबई हमलों का आरोपी कसाब, जाने उनसे जुड़ी खास बातें
नई दिल्ली। 2008 में हुए मुंबई बम धमाकों में मुंबई एटीएस के प्रमुख हेमंत करकरे शहीद हो गए। उन्होने इस हमले के मुख्य आरोपी कसाब को अपनी बहादुरी से जिंदा पकड़ा था। शहीद हेमंत करकरे को इस बहादुरी के लिए उन्हे अशोक चक्र से भी सम्मानित किया गया था। आइये जानते हैं उनसे जुड़ी कुछ खास और महत्वपूर्ण बातें।
1.मुंबई के 26/11 हमलों में शहीद हुए एटीएस प्रमुख हेमंत करकरे का जन्म12 दिसंबर 1954 को हुआ था और कई अहम पदों पर उनकी तैनाती रही।
2.हेमंत करकरे ने नागपुर के विश्वेश्वर रीजनल इंजीनियरिंग कॉलेज से इंजीनियरिंग की डिग्री ली और साल 1982 में आईपीएस अधिकारी बने। उन्होने कई नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी काम किया।
3.आईपीएस अधिकारी बने हेमंत करकरे कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे जिनमे ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर, एंटी टेरिरिस्ट स्कवैड चीफ, नारकोटिक्स विभाग भी शामिल थे।
4.हेमंत करकरे को रॉ के अधिकारी के रूप में भी ऑस्ट्रिया में तैनात किया गया साथ ही नारकोटिक्स विभाग में भी उन्होने ड्रग्स माफिया का सामना किया।
5.साल 2006 का मालेगांव ब्लास्ट केस जिसमें हाल ही में भाजपा में शामिल हुई साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर आरोपी थी इस मामले की भी जांच हेमंत करकरे को भी सौंपी गई थी।
6.एटीएस प्रमुख रहते हुए हेमंत करकरे पर आरोपियों के साथ प्रताड़ना के आरोप भी लगे साथ ही उनपर साध्वी प्रज्ञा ने भी साज़िश के तहत फँसाने का आरोप लगाया।
7.शहीद हेमंत करकरे ने 26 नवंबर 2008 को मुंबई में हुए आतंकी हमलों के आरोपी आतंकी अजमल कसाब को जिंदा दबोचा था।
8.कहा गया कि जिस समय हेमंत करकरे को हमले की खबर मिली तो वे तुरंत वहां पहुंच गए। इस दौरान उन्हे एक आतंकी के बैंक एटीएम के पास खड़ी कार के पीछे छिपे होने का पता लगा।
9.हेमंत करकरे ने तुरंत फ़ायरिंग शुरू कर दी जिसमें एक गोली आतंकी अजमल कसाब के कंधे पर जा लगी और गोली लगते ही उन्होने उसे दबोच लिया।
10.उस वक्त आतंकियों की तरफ से भी फायरिंग होती रही और इसी फ़ायरिंग में हेमंत करकरे और उनके साथियों को भी गोलियां लगी जिसमें वे शहीद हो गए।
Published on:
20 Apr 2019 02:21 pm
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