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हनुमान जी नहीं थे ब्रम्हचारी, इस मंदिर में आज भी होती है पत्नी संग पूजा

तेलंगाना के खम्मम जिले में स्थित है हनुमान जी का मंदिर, इसमें उनकी पत्नी सुवर्चला भी साथ

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hanuman ji temple in telengana

हनुमान जी नहीं थे ब्रम्हचारी, इस मंदिर में आज भी होती है पत्नी संग पूजा

नई दिल्ली। बजरंगबली को ब्रम्हचारी माना जाता है। कहते हैं कि उन्होंने लोक कल्याण के लिए शादी नहीं की। मगर भारत में एक ऐसा मंदिर भी है जहां हनुमान जी की पूजा उनकी पत्नी के साथ होती है। तो कौन-सा है वो मंदिर और क्या है हनुमान जी के शादी का राज आइए जानते हैं।

1.ये मंदिर भारत के तेलंगाना में खम्मम जिले में स्थित है। इस मंदिर में हनुमान जी अपनी पत्नी सुवर्चला के साथ विराजमान हैं।

2.पौराणिक मान्यताओं के अनुसार हनुमान जी का विवाह सूर्यदेव की पुत्री सुवर्चला के साथ हुआ है। इस बात की पुष्टि पाराशर संहिता में भी होती है। इसके अनुसार हनुमान जी अविवाहित नहीं थे।

3.पाराशर संहिता के अनुसार हनुमान जी ने सूर्य देव को अपना गुरू बनाया था। सूर्य देव ने उन्हें 5 विद्याओं का ज्ञान दिया, लेकिन 4 विद्याओं का ज्ञान उनके पास शेष था। इस विद्या को प्राप्त करने के लिए विवाहित होना जरूरी था। इसी के लिए बजरंगबली ने उनकी पुत्री से शादी की थी।

4.पौराणिक धर्म ग्रंथों के अनुसार हनुमान जी विवाहित होने के बावजूद कुंवारे रहें। क्योंकि उनकी पत्नी सुवर्चला विवाह के बाद से तपस्या में लीन हो गईं थी। इसलिए उन्होंने कभी गृहस्थ जीवन नहीं बिताया।

5.इसके अलावा पाराशर संहिता के मुताबिक सुवर्चला का जन्म किसी के गर्भ से नहीं हुआ था। उनका जन्म दैवीय शक्तियों द्वारा हुआ था। साथ ही वो बिना योनि के जन्मी थी। इसलिए उनसे विवाह करने पर हनुमान जी का ब्रम्हचर्य व्रत वैसे ही कायम था।

6.हनुमान जी के विवाह के लिए सुवर्चला से पहले अन्य कन्याओं की खोज की गई थी। मगर योग्य कन्या न मिलने के चलते सूर्य देव ने अपनी पुत्री के साथ उनका विवाह कराने का निर्णय लिया था।

7.इसी मान्यता के चलते मंदिर में हर साल ज्येष्ठ मास की दशमी को हनुमान जी का सुवर्चला के साथ विवाह समारोह आयोजित किया जाता है। इसके लिए यहां विशाल मेले का आयोजन किया जाता है।

8.मान्यता है कि जो भी विवाहित दम्पत्ति यहां दर्शन करने आते हैं उनका वैवाहिक जीवन बहुत सुखमय रहता है। ऐसे लोगों के जीवन कभी बाधाएं नहीं आती हैं।