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शिवलिंग पर फूल चढ़ाते समय न करें ये गलती, पड़ सकता है पछताना

नागकेसर और मदार के फूल से शिव जी होते हैं सबसे ज्यादा प्रसन्न

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सावन के महीने में शिव की विशेष आराधना की जाती है। इस दौरान उन्हें पुष्प भी अर्पित किया जाता है। मगर क्या आपको पता है शिवलिंग पर गलत तरीके से फूल चढ़ाने से नुकसान भी हो सकता है। तो क्या है पुष्प चढ़ाने का सही तरीका आइए जानते हैं।

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भगवान शिव को मदार के फूल बहुत पसंद है। इसलिए उन्हे हमेशा मदार के पुष्पों की माला चढ़ानी चाहिए। इसके अलावा उन्हें धतूरे का पुष्प, शमी, शंखपुष्पी, चमेली, नागकेसर, गूलर, पलाश, कमल एवं नीले अकाव का फूल भी पसंद है। तो शिव आराधना के दौरान इन पुष्पों को चढ़ाने से भोलेनाथ्ज्ञ का आशीर्वाद मिलेगा।

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शिव जी को फूल चढ़ाते समय हमेशा ध्यान रखें कि पुष्प की दिशा वैसी ही वो जैसे वो पेड़ पर उगते हैं। जैसे—पुष्प को मुख आकाश की ओर और डंडी नीचे की ओर हो।

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भोलेनाथ को हमेशा खिलते हुए फूल चढ़ाने चाहिए। इससे भगवान प्रसन्न होते हैं और पुष्प की तरह ही आपकी जिंदगी भी संवर जाती है। इससे आपके जीवन में सुख—शांति आएगी।

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वहीं शिवलिंग पर दूर्वा सदैव अपनी ओर करके अर्पित की जानी चाहिए। जबकि बिल्व पत्र अर्पित करते समय हमेशा इसका मुख यानि पत्ते की साइड नीचे की ओर होनी चाहिए।

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भगवान को पुष्प अर्पित करने से पहले कभी भी इसे सूंघना नहीं चाहिए। यदि गलती से ऐसा हो गया हो तो फूल अशुद्ध माना जाएगा। इसके अलावा यदि कोई पुष्प गिर गया हो और उस पर पैर पड़ गया हो तब भी वो फूल ईश्वर को अर्पित नहीं करना चाहिए।

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शिवजी की पूजा में कभी भी मालती, कुंद और केवड़ा के फूल नहीं चढ़ाने चाहिए क्योंकि इनका शिव जी को अर्पित करना वर्जित है। इसके अलावा भगवान को कभी भी बासी व मुरझाए हुए फूल नहीं चढ़ाने चाहिए। क्योंकि ऐसा करने से जीवन में उदासी एवं दुख आने लगते हैं।

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शिवलिंग पर पुष्प चढ़ाने से पहले उसे धो लें। इसके बाद इस पर गंगाजल अवश्य छिड़कें, ऐसा करने से फूल पवित्र हो जाएगा। चूंकि देवी गंगा को शंकर जी ने अपनी जटाओं में धारण किया है इसलिए गंगाजल को पुष्प पर छिड़कने से पूजा पूर्ण मानी जाती है।

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शिवलिंग एवं अन्य भगवानों को फूल अर्पित करने के लिए कभी भी इसे रात में न तोड़ें। कहते हैं कि इस समय पेड़ भी सो रहे होते हैं। कई वृक्षों में भगवान का वास होता है, लेकिन रात में फूल तोड़ने से उनकी निंद्रा में विघ्न पड़ सकता है। जिस कारण तोड़े गए पुष्प का लाभ नहीं मिलता है।

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शिवलिंग पर पुष्प अर्पित करते समय फूल के साथ 5 व 7 चावल के दानों को चढाने से शिव जी प्रसन्न होते हैं। इससे व्यक्ति की तरक्की होती है। ऐसा करने से जीवन में आ रही बाधाएं भी दूर होती हैं।