
पार्लियामेंट में हमेशा बिछी होती है इस खास रंग की कालीन, जानें संसद भवन से जुड़ी 10 दिलचस्प बातें
नई दिल्ली। देश की प्रभुता और अखंडता का प्रतीक भारतीय संसद अपने आप में बेहद खास है। यही से पूरे देश की बागडोर संभाली जाती है। सन 1952 में आज के ही दिन से स्वतंत्र भारत के पहले संसद सत्र की शुरुआत हुई थी। इस खास मौके पर हम आपको पार्लियामेंट भवन से जुड़ी कुछ खास बातों के बारे में बताएंगे, जिसमें इसके इंफ्रास्टक्चर से लेकर इसकी खूबियां शामिल होंगी।
1.संसद भवन देखने में जितना भव्य है, उसकी बनावट भी काफी खास है। पार्लियामेंट हाउस को गोल आकार में बनाया गया है। क्योंकि ये निरंतरता को दर्शाता है। इसमें दो अलग-अलग हाउस भी बने हैं, जिनमें एक है लोक सभा और दूसरा राज्य सभा है। दोनों भवनों की आकृति घोड़े के नाल के समान बनाई गई है।
2.भारतीय संसद भवन की डिजाइन के अलावा इसमें इस्तेमाल होने वाली चीजें भी काफी खास हैं। तभी तो लोक सभा भवन की फर्श पर बिछाई जाने वाली कालीन हमेशा हरे रंग की होती है। क्योंकि भारत एक कृषि प्रधान देश है और संसद में चुनकर आने वाले संभासद यहां बैठते हैं। ऐसे में कालीन का हर रंग उन्हें जमीन से जुड़े रहने का एहसास दिलाता है।
2.वहीं राज्य सभा भवन के फर्श पर बिछाई जाने वाली कालीन का रंग लाल होता है। जो शाही भाव को दर्शाता है। साथ ही स्वंतत्रता सेनानियों के बलिदान का प्रतीक है।
3.भारतीय संसद भवन में राष्ट्रपति का कमरा 13 नंबर का होता है। वैसे तो 13 अंक को अनलकी समझा जाता है, लेकिन इंडियन पार्लियामेंट में ये अंधविश्वास नहीं माना जाता है।
4.भारतीय संसद भवन में बहुत बड़ी लाइब्रेरी है। इसमें दनिया-भर के साहित्यकार, लेखकों आदि की किताबें मौजूद है। इस लाइब्रेरी के एक बड़े हिस्से में भारतीय संविधान और कानून से जुड़ी बुक्स रखी हुई हैं। ये लाइब्रेरी भारत के सबसे बड़े पुस्तकालयों में से दूसरे नंबर पर है।
5.भारतीय संसद भवन का डिजाइन दो ब्रिटिशर्स ने बनाया था। जिनमें एक का नाम सर एडविन ल्यूटिएन्स और दूसरे का नाम सर हर्बर्ट बेकर था। संसद भवन की पहली नींव 12 फरवरी सन 1921 में रखी गई थी।
6.इंडियन पार्लियामेंट हाउस को बनने में 6 साल का वक्त लगा था। जबकि इसमें कुल लागत 83 लाख रुपए आई थी।
7.भारतीय संसद के पहले मंजिल की बालकनी में करीब 114 खंबे हैं। वहीं इसका एक तिहाई हिस्सा बाउंड्री के तौर पर है। जिसमें गोल आकार दिया गया है।
8.भारतीय संसंद भवन की छतों पर संस्कृत और शुद्ध हिंदी भाषा में अर्थपूर्ण मैसेज लिखे हुण् हैं। ये सभासदों को अच्छे काम करने के लिए प्रेरित करते हैं। वहीं इसके ठीक नीचे अंग्रेजी साहित्य की कुछ खास पंक्तियां भी लिखी हुई हैं।
9.संसद भवन में कुल 6 लिफ़्ट हैं। इसके अलावा यहां पंखे उलटे लगे हुए हैं। क्योंकि इन पंखों की डिजाइन ब्रिटिशर्स ने बनाई थी। आजादी के बाद भी भारत सरकार ने इनका डिजाइन नहीं बदला है।
10.संसद भवन में बनी कैंटीन दुनिया की सबसे सस्ती कैंटीनों में से एक है। यहां बेहद कम दाम में खाना मिलता है। यहां एक थाली की कीमत महज 12 रुपए है।
Published on:
13 May 2019 01:54 pm
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