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इस मंदिर में हनुमान जी खुद खाते हैं प्रसाद, सांस लेने का भी होता है एहसास

यूपी के इटावा से करीब 12 किलोमीटर दूर स्थित है हनुमान जी का ये मंदिर, दर्शन करने मात्र से दूर होते हैं कष्ट

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pilua mahaveer temple

इस मंदिर में हनुमान जी खुद खाते हैं प्रसाद, सांस लेने का भी होता है एहसास

नई दिल्ली। बजरंगबली के चमत्कारों के किस्से यूं तो दुनियाभर में प्रसिद्ध है, लेकिन यूपी में इटावा से करीब 12 किलोमीटर दूर स्थित हनुमान जी का ये मंदिर काफी अनोखा है। बताया जाता है कि यहां बजरंगबली की लेटे हुए अवस्था में प्रतिमा है और हनुमान जी यहां खुद प्रसाद खाते हैं। कई लोगों ने तो उनके सांस लेने की बात को भी सही बताया है।

1.हनुमान जी के इस चमत्कारिक मंदिर का नाम महावीर मंदिर है। ये उत्तर प्रदेश के इटावा जिले से करीब 12 किलोमीटर दूर पिलुआ में स्थित है।

2.महावीर मंदिर में बजरंगबली की लेटी हुई मूर्ति स्थापित है। यहां हनुमान जी दक्षिणामुखी है। इनके दर्शन के लिए दूर-दूर से भक्त आते हैं।

3.इस मंदिर का निर्माण राजा हुक्म चंद्र प्रताप चौहान ने कराया था। उस वक्त ये क्षेत्र उनके अधीन था। उन्होंने इसकी स्थापना करीब 300 साल पहले की थी।

4.इस मंदिर की खासियत यह है कि यहां स्थापित हनुमान जी की मूर्ति खुद प्रसाद खा लेती है। ये सुनने में भले ही आश्चर्यजनक लगे, लेकिन मंदिर के पुजारी एवं स्थानीय लोगों के अनुसार हनुमान जी की मूर्ति के मुंह में प्रसाद डालने पर वो गायब हो जाता है।

5.हनुमान जी की मूर्ति से प्रसाद कहा जाता है इस बात का पता आज तक कोई नहीं लगा सका है। लोगों की मानें तो हनुमान जी की मूर्ति को लड्डू का भोग लगाने एवं दूध पिलाने से वे प्रसन्न होते हैं।

6.लोगों का यह भी दावा है कि हनुमान जी इस मंदिर में जीवित अवस्था में हैं। तभी एकांत में सुनने पर प्रतिमा से सांसें चलने की आवाज सुनाई देती है।

7.बताया जाता है कि हनुमान जी के मुख से राम नाम की ध्वनि भी सुनाई देती है। बजरंगबली के ऐसे चमत्कारों के बारे में सुनकर एवं देखकर लोगों का विश्वास उनमें और भी ज्यादा बढ़ जाता है।

8.मान्यता है कि इस मंदिर में जो भी बजरंगबली के दर्शन करता है उसके जीवन में कभी कष्ट नहीं आते हैं। इसके अलावा यहां लोगों को बड़ी से बड़ी बीमारी से छुटकारा मिल जाता है।

9.लोगों के मुताबिक यहां स्थापित हनुमान जी की मूूर्ति इतनी प्रभावशाली है कि इनकी आंखों में देखते ही लोगों की परेशानियां हल हो जाती हैं। इन्हें लगाया जाने वाला कई गुणा भोग भी इनके उदर को नहीं भर पाता है।

10.इस मंदिर के निर्माण के पीछे की वजह बजरंगबली का राजा को स्वप्न में दर्शन देना था। बताया जाता है कि हनुमान जी ने राजा को सपने में अपने इस जगह होने की बात बताई थी।