
नई दिल्ली। पाकिस्तान की मशहूर गायिका नूरजहां(pakistani singer Noor Jehan Death Anniversary) को दुनिया से अलविदा कहें हुए 19 साल बीत चुके हैं।अपनी आवाज़ से लोगों के दिल की रगों में खिंचाव पैदा करने वाली नूरजहां का जन्म लाहौर से लगभग 45 किलोमीटर दूर कसूर में 21 सितंबर, 1926 को हुआ था। सात दशक तक अपनी जादुई आवाज से दर्शकों का दिल जीतने वाली नूरजहां को मल्लिका-ए-तरन्नुम का खिताब पाकिस्तान में मिला था। आज हम आपको इनके बारे में दस दिलचस्प बातें बताने जा रहे हैं।
1- नूरजहां (Noor Jehan) का असली नाम अल्लाह राखी वसाई था।बेहद ग़रीब परिवार में जन्मीं अल्लाह वसाई अपनी दो बहनों, ईदन बाई और हैदरी बांदी में सबसे छोटी थीं।इनका परिवार गा-सुनाकर अपनी रोज़ी रोटी कमाता था।
2- दीवान सरदारी लाल ने नूरजहां को कलकत्ता ले आये जहां उन्होंने कला की दुनिया में कदम रखा। कलकत्ता आने के बाद अल्लाह वसाई नूरजहां बन गईं।
3- नूरजहां ब्रिटिश हिंदुस्तान की आला तरीन फ़नकारों में से एक थीं. और जिनके चाहने वाले उन्हें लता मंगेशकर से एक कदम आगे पाते हैं. बंटवारे के बाद वे पाकिस्तान चली गई थीं।
4- कहते है कि जब भी वो गाना रिकॉर्ड करने आती थी तो वो अपने गाने में पूरी तरह से खो जाती थी. इस दौरान वो जो ब्लाउज पहनती थीं, उसमे रिकॉर्डिंग के सिर्फ 1 घंटे के अंदर ही पीठ पर पसीने की बूंदें दिखनी शुरू हो जाती थीं और रिकॉर्डिंग खत्म होते होते उनका शरीर पसीना से सराबोर हो जाता था।
5- सफलता हासिल करने के लिए नूरजहां ने बहुत मेहनत की। लेकिन अपनी ज़िंदगी को हमेशा अपनी शर्तो पर ही जिया। नूरजहां की शादियां, तलाक और प्रेम संबंध हमेशा से चर्चा में थे.
6- एक बार पाकिस्तान के नामी राजा तजम्मुल हुसैन ने उनसे पूछा कि आपके कितने आशिक रहे हैं अब तक? "तो आधे सच ही बता दीजिए"- तजम्मुल ने जोर दिया तो उन्होंने गिनाना शुरू किया. कुछ देर जब नूरजहां से पूछा किया कितने हुए तो उन्होंने कहा अब सोलह! जिस पर उन्होंने पंजाबी में कहा-हाय अल्लाह! ना-ना करदियां वी 16 हो गए ने!
7- कहा जाता है कि नूरजहां के चक्कर में पाकिस्तान के क्रिकेटर नजर मोहम्मद का करियर वक्त से पहले ही खत्म हो गया। बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक नूरजहां और नजर मोहम्मद एक दूसरे को डेट कर रहे थे। एक बार उनको और नजर मोहम्मद को उनके पति ने एक कमरे में रंगे हाथ पकड़ लिया। नजर ने पहली मंजिल की खिड़की से नीचे छलांग लगा दी, जिसकी वजह से उनका हाथ टूट गया।जिसके चलते उन्हें वक्त से पहले ही टेस्ट क्रिकेट से रिटायर होना पड़ गया।
8- स्वर-कोकिला लता मंगेशकर से हमेशा उनकी तुलना होती है। यहां तक कई लोगों को लगता था नूरजहां, लता से बेहतर हैं। लेकिन नूरजहां के पाकिस्तान चले जाने से लता के सिंगिंग करियर में रुकावट नहीं थी, कोई मुकाबला नहीं था। जिसके बाद वो सरपट दौड़ती चली गईं।
9- जब भारत और पाकिस्तान का विभाजन हो रहा था उस वक़्त नूरजहां को यहीं रुकने के लिए कहा गया तो उन्होंने कहा था, ‘जहां पैदा हुई, वहीं जाउंगी’. बंटवारे में उनका गांव कसूर, पाकिस्तानी पंजाब में चला गया था.
10- नूरजहां ने 23 दिसंबर 2000 को आखिरी सांस ली थी। जब नूरजहां को दिल का दौरा पड़ा, तो उनके मुरीद खालिद हसन ने लिखा था, ‘दिल का दौरा तो उन्हें पड़ना ही था। पता नहीं कितने दावेदार थे उसके! और पता नहीं कितनी बार वह धड़का था!’
Published on:
23 Dec 2019 03:46 pm
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