
मिश्री और दूध के साथ मिलाकर खा लें ये चूर्ण, थकान और कमजोरी से मिलेगा छुटकारा
नई दिल्ली। आजकल के भागदौड़-भरी जिंदगी में शरीर को चुस्त-दुरुस्त रखना एक चैलेंज है। क्योंकि रोजाना के खाने से हमारे शरीर को वो सारे पोषक तत्व नहीं मिल पाते हैं जिनकी जरूरत होती है। ऐसे में आयुर्वेद विज्ञान में कई ऐसी जड़ी-बूटियां मौजूद है जो इस कमी को पूरा कर सकती है।
1.आयुर्वेद विज्ञान के अनुसार शरीर को ताकतवर बनाने के लिए शतावरी सबसे ज्यादा उपयोगी जड़ी-बूटी है। इसमें मौजूद पोषक तत्व शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करते हैं। इससे कार्य क्षमता भी बढ़ती है।
2.शतावरी शरीर में विटामिन्स की कमी को पूरा करता है। इसे रोजाना दूध में घोलकर मिश्री के साथ मिलाकर पीने से ताकत आती है। इसके नियमित सेवन से थकान और कमजोरी भी दूर होती है।
3.शतावरी का सेवन प्रेगनेंट महिलाओं के लिए भी फायदेमंद है। क्योंकि इसमें मौजू फोलेट विटामिन B12 और विटामिन C नए प्रोटीन बनाने में मदद करता है। साथ ही फोलेट हीमोग्लाबिन और डीएनए का आंशिक रूप से उत्पादन करता है।
4.शतावरी में फैट और कैलोरी बहुत ही कम मात्रा में होते है, साथ ही इसमें बहुत से अघुलनशील और घुलनशील फाइबर इसलिए ये वजन कम करने में मददगार साबित होता हैं
5.यह कब्ज को दूर करने में भी लाभकारी होता है। ये बैड कोलेस्ट्रोल को भी कम करता है। इससे दिल सही काम करता है।
6.शतावरी में एंटीऑक्सिडेंट भरपूर मात्रा में होते है। इसमें एंथोकाइनिन की मात्रा काफी होती है। ये हमारे शरीर को संक्रमणों से लड़ने की शक्ति देते है।
7.शतावरी में एंटीऑक्सिडेंट ग्लूटाथियोन नामक तत्व होता है। जो बुढ़ापे के असर को रोकते हैं। इसमें मौजूद फोलेट और विटामिन B12 बुढ़ापे से बचाने का काम करते हैं।
8.शतावरी हमारे शरीर से अतिरिक्त नमक और हानिकारक तरल पदार्थ को मूत्र के जरिए बाहर निकालने में मदद करता है। ये एडीमा और हाई ब्लड प्रेशर से पीडित लोगों के लिए लाभकारी होता है।
9.शतावरी में ऐसे पोषक तत्व होते हैं जो शरीर में अच्छे बैक्टीरिया लैक्टोबैसिलि का पोषण बनते हैं। इससे पेट संबंधित समस्याएं नहीं होती है।
10.शतावारी के सेवन से अतिरिक्त भूख नियंत्रित होती है। इससे व्यक्ति का मूड भी अच्छा रहता है।
Published on:
31 Jan 2019 04:31 pm
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