
ज्यादातर लोग लाइफ में थ्रिल और रोमांच चाहते हैं। अपने इस शौक को पूरा करने के लिए वो डरवानी फिल्में देखते हैं। इसे देखकर उन्हें बेशक डर लगता हो, लेकिन इससे उन्हें संतुष्टि मिलती है। हेल्थ सांइस की बात करें तो हॉरर मूवी देखने से न सिर्फ एंटरटेनमेंट होता है, बल्कि इसके कई स्वास्थ संबंधित फायदे भी होते हैं।

साल 2012 में यूके के यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्टमिंस्टर में की गई एक रिसर्च के दौरान 10 लोगों को अलग—अलग डरावनी मूवीज देखने को कहा गया था। इस रिसर्च के मुताबिक हॉरर मूवी से लोगों की सेहत पर पड़ने वाले प्रभाव को समझा गया था।

रिसर्च के मुताबिक कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, इसके तहत हॉरर मूवीज देखने से शरीर को नुकसान नहीं बल्कि फायदे होते हैं। हालांकि ये इस बात पर निर्भर करता है कि व्यक्ति किस हद तक डरावनी मूवी देख सकता है। शोध में ऐसे लोगों के दिल की धड़कन, सांस लेने की प्रक्रिया एवं शरीर में होने वाले बदलाव को परखा गया था।

रिपोर्ट के मुताबिक जिस शख्स ने सबसे ज़्यादा डरावनी फिल्म देखी, वह सबसे ज़्यादा डरा और कई बार उछला भी। ऐसे में उसने 184 कैलरी बर्न की। जिससे उसका फैट थोड़ा कम हुआ। जो लोग सप्ताह में दो व तीन बार डरावनी फिल्में देखते हैं उनके शरीर पर फैट कम जमता है।

हॉरर फिल्में देखने से शरीर में केमिकल बदलाव आते हैं। जब वो डरावनी चीजें देखते हैं तो स्ट्रेसफुल स्टिम्लाई नामक स्थिति उत्पन्न होती है। जिसके चलते बॉडी में एड्रेनलिन हॉर्मोन रिलीज होने लगता है। जिससे व्यक्ति के दिल की धड़कनें बढ़ जाती हैं और बॉडी से एनर्जी रिलीज़ होने लगती है।

जर्नल स्ट्रेस में पब्लिश हुई एक स्टडी के मुताबिक डरावनी फिल्में देखने से व्यक्ति की इम्यूनिटी भी बढ़ती है। क्योंकि डर के चलते आपका दिल और मस्तिष्क तेज गति से काम करने लगते हैं। इससे व्यक्ति गहरी सांसे लेता है और इंद्रीय सक्रिय हो जाते है। इसी के चलते इम्यून सिस्टम बूस्ट होता है।

मनोचिकित्सकों के अनुसार डरावनी मूवीज देखने से उत्पन्न होने वाली नेगेटिव स्टिमुलाई की वजह से मूड में भी कई बदलाव आते हैं। इससे दिमाग शांत हो जाता है। इसलिए कई लोगों में चिड़चिड़ापन भी कम होता है।

हॉरर फिल्में देखने से दिल भी मजबूत होता है क्योंकि इससे सहने की क्षमता में वृद्धि होती है। ये व्यक्ति् को धैर्यवान बनाती है। हालांकि जिनका दिल ज्यादा कमजोर है व हार्ट पेशेंट हैं तो उन्हें ऐसी फिल्में नहीं देखनी चाहिए। इससे उनकी हार्ट बीट ज्यादा तेज हो सकती है।

डरावनी मूवीज देखने से शरीर में आॅक्सीजन की मात्रा भी बढ़ती है क्योंकि ऐसी मूवी देखते समय व्यक्ति को डर लगता है। जिससे हार्ट बीट तेज हो जाती है और वो गहरी सांसे लेने लगता है। ऐसे में शरीर में आॅक्सीजन की मात्रा बढ़ जाती है। इससे फेफड़े भी मजबूत होते हैं।

हॉरर मूवीज देखने से व्यक्ति के डीएनए पर भी सकारात्मक असर पड़ता है। इससे शरीर संतुलित होता है और बॉडी स्ट्रांग बनती है। इससे व्यक्ति का किसी खास चीज के प्रति फोबिया व डर भी खत्म होता है।