
अनूप कुमार
फैजाबाद. देश की आज़ादी में अपना अहम किरदार निभाने वाले आज़ाद हिन्द फ़ौज के नायक नीता जी सुभाष चन्द्र बोस की 121 वीं जयंती के मौके पर पूरा देश आज उन्हें नमन कर रहा है . देश के अलग अलग हिस्सों में विभिन्न कार्यक्रमों के जरिये उन्हें नमन किया जा रहा है और उनके व्यक्तित्व और कृतित्व की सराहना की जा रही है . लेकिन आज नेता जी की 121 वीं बरसी के मौके पर एक बार फिर ये सवाल मौजूं हो उठा है कि नेता जी की मौत आखिर कैसे हुई ,क्या फैजाबाद के रामभवन में रहते हुए अपने जीवन के अंतिम लम्हे गुजारने वाले गुमनामी बाबा उर्फ़ भगवान जी ही नेता जी सुभाष चन्द्र बोस थे या नेता जी किसी साजिश के शिकार हुए थे . फैजाबाद में नेताजी सुभाष चंद्र बोस विचार मंच के सदस्य लम्बे समय से ये दावा करते रहे हैं कि फैजाबाद के राम भवन में रहने वाले गुमनामी बाबा ही नेता जी सुभाष चन्द्र बोस थे .आज नेता जी की 121 वीं जयंती पर कुछ ऐसे ही अनसुलझे सवालों का ज़िक्र एक बार फिर हम कर रहे हैं .
फैजाबाद के राम भवन में रहने वाले गुमनामी बाबा के संदूक से मिले तमाम सामान ऐसे हैं जिनका सीधा जुड़ाव नेता जी से है
फैजाबाद के राजकीय कोषागार के डबल लॉक में रखे गुमनामी बाबा के सामानों की जांच उनकी फोटो ग्राफी और उनकी इन्वेंट्री बनाये जाने की प्रक्रिया के बाद उन्हें अयोध्या के राम कथा संग्रहालय में सुरक्षित रूप से एक एक विशेष म्यूजियम में रखवा दिया गया है . जहां गुमनामी बाबा से मिले सामानों को गुमनामी बाबा के सभी सामानों को आम जनता को देखने के जल्द ही खोल दिया जाएगा . ट्रेजरी में रखे गुमनामी बाबा के सामानों में प्रमुख रूप से विदेशी मेड टाइप राइटर, दूरबीन, टेपरिकार्डर, धर्मिंक पुस्तके, बांगला साहित्य, तमाम पत्र नेताजी के परिवार की फोटो सहित अन्य ऐसे सामान मिले है जो कही न कही गुमनामी बाबा को नेताजी सुभाष चंद्र बोस से जोड़ते है.
गुमनामी बाबा के सामानों में मिले गोल फ्रेम के चश्मे कही नेताजी के तो नहीं
फैजाबाद के राजकीय कोषागार फैजाबाद के डबल लॉक में रखे गुमनामी बाबा के सामानों की जांच प्रक्रिया के अंतर्गत 26वें संदूक से गए सामानों मे 6 गोल फ्रेम के ऐसे चश्मे बरामद हुए है, जो आजादी की लड़ाई में अहम भूमिका निभाने वाले नेता जी सुभाष चंद्र बोस अक्सर लगाया करते थे. नेता जी की तमाम तस्वीरों में भी इसी तरह के चश्मे में नज़र आते है. वहीं अन्य सामानों में नेता जी सुभाष चंद्र बोस के परिवार के अन्य सदस्यों की तस्वीरें मिली है. पवित्र मोहन राय की तस्वीर भी गुमनामी बाबा के संदूक से बरामद हुई है . अब सवाल यही उठता है की गुमनामी बाबा के पास से वो सब सामान क्यों बरामद हो रहे है जिनका सम्बन्ध कहीं न कहीं आजाद हिन्द फौज के नायक रहे नेता जी सुभाष चन्द्र बोस से रहा है। बहरहाल गुमनामी बाबा और नेताजी के बीच इन रहस्यमयी संबंधों का तिलिस्म अभी भी बरकरार है और सवाल यही है कि अगर गुमनामी बाबा नेता जी नहीं थे तो फैजाबाद के राम भवन में रहने वाला वो इंसान कौन था जिसे लोग नेता जी सुभाष चंद्र बोस मान रहे है.
Published on:
23 Jan 2018 03:36 pm

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