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फैजाबाद की बीकापुर सीट से 4 बार विधायक रहे पूर्व मंत्री सीताराम निषाद का निधन

पिछड़े और दलित समाज के नेता के रूप में जिले में रही निषाद की स्वीकार्यता

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Ex Minister Sitaram Nishad dies in Dr Ram Manohar lohia Hospital

Sitaram Nishad

फैजाबाद . करीब 5 दशक से अधिक समय से विभिन्न दलों से राजनीतिक पारी खेलने वाले बीकापुर विधानसभा सीट से 4 बार के विधायक और कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे सीताराम निषाद का लंबी बीमारी के बाद 78 वर्ष की आयु में बुधवार को निधन हो गया . श्री निषाद ने लखनऊ के डॉ राम मनोहर लोहिया संस्थान में अंतिम सांस ली सीताराम निषाद के निधन पर फैजाबाद के राजनीतिक जगत में शोक की लहर है और सभी दलों के नेताओं ने सीताराम निषाद के निधन पर शोक जताया है . श्री निषाद का अंतिम संस्कार फैजाबाद के ही जमथरा घाट पर किया जाएगा .वर्तमान में सीताराम निषाद अपने परिवार समेत भारतीय जनता पार्टी के कुनबे में शामिल थे. श्री निषाद को पिछड़े और दलित वर्ग के बड़े नेता के रूप में जाना जाता था और उनके निधन को फैजाबाद की राजनीती में एक बड़ी क्षति मना जा रहा है .

पिछड़े और दलित समाज के नेता के रूप में जिले में रही निषाद की स्वीकार्यता

अपने राजनैतिक कैरियर की शुरुआत कांग्रेस के साथ करने के साथ ही सीताराम निषाद फैजाबाद संसदीय क्षेत्र के बीकापुर विधानसभा सीट से 4 बार विधायक रहे . पहले कांग्रेस के टिकट पर उन्होंने चुनाव लड़ा और जीतने के बाद उन्हें मंत्री का दर्जा प्राप्त हुआ . जिसके बाद उन्होंने समाजवादी पार्टी के टिकट पर 2002 में बीकापुर विधानसभा से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की साल 2012 में उन्होंने कांग्रेस में वापसी की और गोसाईगंज विधानसभा से चुनाव लड़ा ,लेकिन उन्हें जीत हासिल नहीं हुई जिसके बाद साल 2015 में जब उनके बेटे दिग्विजय निषाद और बहू रेखा निषाद ने भगवा झंडा पकड़ा सीताराम निषाद भी भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए . अपने लगभग 50 साल के राजनीतिक करियर में सीताराम निषाद ने बीकापुर विधानसभा सीट से कांग्रेस और सपा के उम्मीदवार के तौर पर छह बार विधायकी का चुनाव लड़ा और जीत हासिल की . एक मिलनसार व्यक्तित्व के जनप्रतिनिधि होने के कारण सीताराम निषाद भले ही किसी दल में रहें हों .लेकिन सभी दलों के नेताओं से उनके अच्छे सम्बन्ध थे और यही वजह थी की चाहे उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा हो या सपा के जीत उन्ही की होती रही .

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