2 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

इस पवित्र धरती पर गिरा था माँ पार्वती का अंग दर्शन मात्र से दूर होंगे सब कष्ट

शारदीय नवरात्र के मौके पर लगा है आस्था का मेला

2 min read
Google source verification
Navratri 2017 Ma Pateshwari Devi Mandir Faizabad News In Hindi

Ma Pateshwari Devi Mandir Faizabad

फैजाबाद . शारदीय नवरात्र के प्रारम्भ होते ही देवी माँ के मंदिरों में माँ भक्तों की भीड़ जमा हो गयी है ,मंदिरों में ब्रह्म मुहूर्त से ही घन्टों की आवाज गूंजने लगती है और बड़ी आस्था श्रद्धा के साथ श्रद्धालु माँ के जयकारे लगाते हुए मंदिरों में पूजा अर्चना कर रहे हैं . नवरात्र के मौके पर यह सिलसिला आने वाले 9 दिनों तक चलेगा और इस दौरान सभी देवी मंदिरों और दुर्गा पूजा पंडालों में माँ भक्तों की भीड़ जमा रहेगी लेकिन फैजाबाद अयोध्या नगर में कई ऐसे सिद्ध स्थान हैं जहां पर नवरात्र के दौरान पूजा अर्चना और दर्शन से विशेष लाभ मिलता है जिसके कारण इन मंदिरों में श्रद्धालुओं की खासी भीड़ इन मंदिरों में उमड़ रही है . ऐसे ही एक प्राचीन सिद्ध पीठ माँ पाटेश्वरी देवी मंदिर की महिमा से हम आपको रूबरू कराने जा रहे हैं जहां लगा है आस्था और श्रद्धा का मेला .

शारदीय नवरात्र के मौके पर लगा है आस्था का मेला

प्राचीन पौराणिक मान्यता के अनुसार माता पार्वती के पिता राजा प्रजापति दक्ष ने एक यज्ञ का आयोजन किया था ।परन्तु सती के पति भगवान शिव को आमन्त्रित नही किया गया था ।जिससे भगवान शिव इस यज्ञ में शामिल नही हुये,लेकिन माता पार्वती जिद्द करके यज्ञ में शमिल होने चली गई,वहा भगवान शिव की निंदा सुनकर वह यज्ञ कुण्ड में कूद गईं । तब भगवान शिव सती के वियोग-विह्वल होकर सती का शव अपने कन्धे पर धारण कर सम्पूर्ण त्रिलोक भ्रमण करने लगे । भगवती सती ने तब आकाश में शिव को दर्शन दिये,और उनसे कहा क़ि जिस-जिस स्थान पर उनके शरीर के खण्ड विभक्त होकर गिरेंगे वहां महाशक्ति पीठ का उदय होगा ।सती का शव लेकर शिव पृथ्वी पर विचरण करते हुये नृत्य (तांडव) करने लगे जिससे पृथ्वी पर प्रलय की स्थिति उतपन्न होने लगी ।इस पर भगवान विष्णु ने अपने सुदर्शन चक्र से सती के शरीर को खण्ड-खण्ड करने का विचार किया ।जब-जब शिव नृत्य मुद्रा में पाँव पटकते विष्णु अपने चक्र से शरीर का कोई अंग काटकर उसके टुकड़े पृथ्वी पर गिरा देते इस प्रकार जहां-जहाँ सती के अंग के टुकड़े और आभूषण गिरते वहा-वहा शक्ति ? पीठ का उदय हुआ इस प्रकार यहाँ माता पार्वती का दाहिना जंघा गिरा था जहां आदि शक्ति माँ पाटेश्वरी देवी विराजमान है |

Story Loader