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(चंडीगढ): पंजाब के फरीदकोट जिले के बरगरी में सिख कट्टरपंथी नेताओं का धरना जारी रहेगा। बरगरी वह स्थान है जहां सबसे पहले गुरूग्रंथ साहिब के अपमान की घटना सामने आई थी। सिख कट्टरपंथी नेताओं ने यहां गुरूग्रंथ साहिब के अपमान के दोषियों और इसके विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करते सिखों पर पुलिस फायरिंग के दोषियों को सजा देने की मांग को लेकर धरना शुरू किया था। इन दोनों घटनाओं पर जस्टिस-रिटायर्ड रणजीत सिंह कमीशन की रिपोर्ट विधानसभा में पेश किए जाने और 32 अफसरों को इसके आधार पर नोटिस दिए जाने के बाद भी धरना जारी रखने का फैसला किया गया है।
अकाल तख्त के समानान्तर जत्थेदार ध्यान सिंह मंड ने कहा कि रणजीत सिंह कमीशन की रिपोर्ट को विधानसभा में पेश किए जाने से हमारा कोई लेना-देना नहीं है। हमारी मांग है कि गुरूग्रंथ साहिब के दोषियों को गिरफ्तार कर सजा दी जाए। बेहबल कलां में सिख प्रदर्शनकारियों पर पुलिस फायरिंग के दोषियों पर कार्रवाई की जाए,सिख राजनीतिक कैदियों को पंजाब की जेलो में लाया जाए व सजा पूरी कर चुके कैदियों को रिहा किया जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के बरगरी आकर ये मांगें स्वीकार किए जाने तक धरना जारी रहेगा।
दूसरी ओर अकाली दल अध्यक्ष सुखवीर बादल ने पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया कि केप्टेन अमरिंदर सरकार ने कट्टरपंथियों से सांठगांठ कर ली है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की मदद के लिए कांग्रेस,आम आदमी पार्टी और आईएसआई प्रायोजित कट्टरपंथी संगठनों के बीच अपवित्र गठबंधन हुआ है। हमारे पास इस बात के ठोस सबूत है कि मुख्यमंत्री न केवल कट्टरपंथियों का हौसला बढा रहे हैं बल्कि उनसे सांठगांठ किए है। रणजीत सिंह कमीशन की रिपोर्ट एक कट्टरपंथी नेता चनन सिंह सिद्धू के फार्महाउस पर तैयार की गई। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी नेता सुखपाल खैहरा, जस्टिस रणजीत सिंह व कमीशन रजिस्ट्रार जेएस मेहमी एक साथ फार्महाउस गए थे और वहां सुबह छह बजे से दस बजे तक वहां रहे। इनकी काॅल डिटेल में मुल्लनपुर का ही टावर आ रहा है।
खैहरा और रणजीत सिंह ने फिर 17 जून को उस फार्म हाउस का दौरा किया। सुखवीर ने कहा कि फार्महाउस पर तीसरी बैठक 18 जुलाई को हुई। इसमें समानान्तर जत्थेदार ध्यान सिंह मंड,कट्टरपंथी नेता गुरदीप सिंह भटिंडा,जस्टिस रणजीत सिंह व मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा शामिल हुए। उन्होंने कहा कि बलजीत सिंह डडूवाल ने दावा किया है कि वह रविवार रात को भटिंडा में थे लेकिन अकाली दल के पास सबूत हैं कि उन्होंने बानूर टाॅल प्लाजा के जरिए चंडीगढ में प्रवेश किया। चंडीगढ में मुख्यमंत्री से मिलने के बाद वे कार में मंत्री सुखजिंदर रंधावा के आवास पर चले गए।
अकाली दल समर्थक समझी जाने वाली शिरोमणि गुरूद्वारा प्रबन्धक कमेटी ने जस्टिस-रिटायर्ड रणजीत सिंह कमीशन की रिपोर्ट खारिज कर दी है। इस पर कडी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए यूनाइटेड अकाली दल के अध्यक्ष मोहकम सिंह ने कहा है कि बरगरी में गुरूग्रंथ साहिब के अपमान और बेहबल कलां में पुलिस फायरिंग की घटना के विरोध में इस सिख संस्था को जो करना चाहिए था वो हम कर रहे है।
Published on:
28 Aug 2018 04:51 pm
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