
Mobile tower
कपूरथला। पंजाब सरकार की नीतियों से आजिज अस्थायी ईजीएस-एसटीआर टीचर पेट्रोल की बोतल लेकर रविवार की देर रात 12 बजे ऑफिसर कॉलोनी में एसडीएम आवास के पास स्थित मोबाइल टॉवर पर चढ़ गया। सोमवार की सुबह पौह फटते ही जब पता चला तो जिला प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। सिविल व पुलिस प्रशासनिक अमला टावर के नीचे होकर सुबह पांच बजे से उसे मनाकर नीचे उताने में जुटे रहें, लेकिन वह टीचर साथियों के रेगुलर समेत अन्य मांगों के मानें जाने तक फैसले पर अड़ा रहा और नीचे उतरने से साफ इनकार कर दिया। उसने बाकायदा, मोबाइल टॉवर के ऊपर से ही वीडियो वायरल करके पंजाब सरकार व शिक्षा मंत्री को आत्मदाह की धमकी दे डाली कि रेगुलर नहीं किया गया तो उसकी लाश ही नीचे आएगी।
क्या है मांग
मोबाइल टॉवर पर चढ़े ईजीएस टीचर निशांत कुमार ने बताया कि पिछले लगभग 12-13 साल शिक्षा विभाग में उनका शोषण हो रहा है। काफी संघर्ष के बाद जब उनकी नियुक्ति की गई तो वेतन महज पांच हजार रुपये मासिक मिलने लगा। इतने कम वेतन में घर कैसे चलेगा। लंबे समय से वह रेगुलर करने समेत अन्य मांगों को लेकर संघर्षरत हैं, लेकिन पंजाब सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है। अब कोरोना संकट में तो उनका और भी बुरा हाल हो गया है। घरों का चूल्हा ठंडा हो चुका है, लेकिन कोई भी उनकी सुध नहीं ले रहा है। वह तो तंग आ चुका है, इसलिए ही वह पेट्रोल लेकर टंकी पर चढ़ा है, जब तक उसकी मांगें नहीं मानी जाती तब तक वह टंकी पर ही रहेगा और नीचे उसके लाश ही आएगी।
पांच घंटे बाद नीचे आया
टंकी के नीचे खड़े एसडीएम वीपीएस बाजवा, डीएसपी सब-डिवीजन हरिंदर सिंह गिल, डीईओ एलीमेंटरी गुरभजन सिंह लासानी और टीचर यूनियन के नेता उसे मनाने में जुटे रहे। करीब पांच घंटे बाद दस बजे के करीब डीसी कपूरथला दीप्ति उप्पल से उसकी बैठक करवा मसले का समाधान करने का आश्वासन मिलने के बाद वह नीचे उतरा। डीएसपी सब-डिवीजन हरिंदर सिंह गिल ने कहा कि उसकी मांगें मानने का अधिकार सरकार के पास है। उसे समझाकर एडीसी सामान्य राहुल चाबा से बात करवाकर मांगे नोट करवा दी हैँ, जिन्होंने उसकी मांगें पंजाब सरकार के पास पहुंचाने का आश्वासन दिया है। जिसके बाद उसे सुरक्षित नीचे उतार लिया गया है।
दुख भरी दास्तान
बता दें कि निशांत कुमार पहले भी ऐसे ही पानी की टंकी पर चढ़कर हाई-प्रोफाइल ड्रामा कर चुका है। बठिंडा में भी वह काफी दिन तक टंकी पर चढ़कर मांगों के समर्थन में जुटा रहा। उसने आत्महत्या का प्रयास भी किया था। जिसे लेकर थाना सिटी में केस भी दर्ज हुआ। घर चलाने के लिए निशांत स्कूल टाइम के बाद जालंधर में आटो भी चलाता रहा है। कपूरथला के कई रेस्टोरोंट पर होम डिलीवरी का काम भी किया और अब कोरोना संकट के दौर में उसने रेहड़ी पर सब्जी तक बेची।
Published on:
18 May 2020 06:30 pm
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