प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: प्रदूषण की वजह से डाबर, समेत 65 फैक्ट्रियां कराईं बंद

प्रदूषण के कारण दिल्ली की आबो-हवा में सांस लेने वाले लोग बिना सिगरेट पिए ही कई सिगरेट के बराबर धुआं अपने फेफड़ों के अंदर लेने को मजबूर हैं।

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Published: 12 Nov 2017, 10:02 PM IST

गाजियाबाद। पिछले 10 दिन से गाजियाबाद में जबरदस्त प्रदूषण बढ़ रहा है जिसके चलते वायु में धूल के कण ज्यादा आ रहे हैं और उसकी वजह से दमा के मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। प्रदूषण इस कदर है कि इस वक्त लोगों का सांस लेना दूभर हो गया है। बढ़ते प्रदूषण के चलते उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए डाबर और भूषण स्टील समेत 65 फैक्ट्रियां बंद करा दी हैं। ये कार्रवाई बड़ी इस लिए है, क्योंकि दिल्ली और उससे सटे नोएडा में धुआं उगलने वाले कारखानों को अब तक बंद नहीं किया गया है।

इतना ही नहीं गाजियाबाद जिला अधिकारी ऋतु माहेश्वरी ने बताया कि जिले की सभी मुख्य सड़कों पर पानी का छिड़खाव भी किया जा रहा है, ताकि स्मॉग से निपटने में कुछ मदद मिल सके। उन्होंने यह भी बताया कि प्रशासन ने छोटे निर्माण कार्य रोकने का भी अनुरोध किया है। दिल्ली में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। आलम यह है कि दिल्ली की आबो-हवा में सांस लेने वाले लोग बिना सिगरेट पिए ही कई सिगरेट के बराबर धुआं अपने फेफड़ों के अंदर लेने को मजबूर हैं। इतना खतरनाक प्रदूषण कई प्रकार की बीमारियों को भी जन्म दे रहा है।

जिलाधकारी ऋतु माहेश्ववरी ने बताया कि स्मॉग को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सचेत है। लोगों के बचाव के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। फिलहाल गाजियाबाद की जिलाधिकारी ने सभी बिल्डिंग मैटेरियल विक्रेताओं को सख्त निर्देश दिए हैं कि सड़क के किनारे पड़े हुए बिल्डिंग मैटेरियल को ढक कर रखें और उसके ऊपर पानी का छिड़काव करते रहें।

इसके अलावा जिलाधिकारी ने सड़क के किनारे एक अच्छी जगह पर पानी के छिड़काव की व्यवस्था कराए जाने के भी आदेश दिए हैं जिसके बाद नगर निगम और प्रशासनिक अधिकारिओं द्वारा सड़कों के किनारे छिड़काव कराया जा रहा है ताकि कम से कम धूल उड़े।

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