ट्रेन रनिंग के संबंध किसी भी प्रकार की अधिकृत जानकारी रेलवे के हेल्पलाइन नंबर 139 के माध्यम से अथवा नेशनल ट्रेन इनक्वायरी सिस्टम नामक वेब पोर्टल या एनटीईएस मोबाइल ऐप से प्राप्त की जा सकती है। कोई भी ट्रेन निर्धारित प्रस्थान समय से पहले नहीं चलती है।
गोरखपुर । हर रोज उन्नत होती टेक्नोलोजी के के साइड इफेक्ट भी होते रहते हैं। पूरी तरह इन पर भरोसा करना भी नुकसानदायक हो सकता है। अब रेलवे विभाग की ही अगर बात करते हैं तो यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने अपनी तमाम सेवाएं ऑनलाइन कर दी हैं। यहां तक कि ट्रेन की एक-एक मिनट की लाइव लोकेशन देखी जा रही है। लेकिन, साइट पर इस कदर भरोसा कभी-कभी धोखे का सबब भी बन सकता है।
वैशाली एक्सप्रेस समय से पहले तो जननायक की लोकेशन ही नही
ऐसा ही कुछ बुधवार को गोरखपुर स्टेशन पर वैशाली एक्सप्रेस के साथ दिखा। प्लेटफॉर्म नंबर एक पर वैशाली एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से 13 मिनट पहले ही पहुंच गई। इससे यात्री झटका खा गए और दौड़ लगानी पड़ गई। वहीं, यात्री मोबाइल पर जननायक को ढूंढते रह गए पर नहीं दिखी। एनईआर के कई स्टेशनों पर निर्माण कार्य चल रहा है, जिसके चलते आवागमन प्रभावित है।
कई ट्रेनों का रूट डायवर्जन हुआ है। वहीं, कुछ काॅसन पर चलाई जा रही हैं। गोरखपुर-छपरा ट्रैक पर डायवर्जन के चलते गोरखपुर-नरकटियागंज रूट पर ट्रेनों की संख्या बढ़ी है। यह सिंगल ट्रैक भी है। इस वजह से ट्रेनें लेट हो जा रही हैं। 29 अक्तूबर को वैशाली सुपरफास्ट एक घंटा 52 मिनट और 28 अक्तूबर को दो घंटे 36 मिनट लेट थी, लेकिन एक नवंबर को यह ट्रेन गोरखपुर जंक्शन पर 4.45 के बजाय 4.32 बजे ही पहुंच गई। इसके चलते देर से स्टेशन पहुंचे यात्रियों को प्लेटफार्म नंबर एक की तरफ दौड़ लगानी पड़ी।
CPRO पूर्वोत्तर रेलवे
CPRO पूर्वोत्तर रेलवे पंकज कुमार सिंह ने कहा कि ट्रेन रनिंग के संबंध किसी भी प्रकार की अधिकृत जानकारी रेलवे के हेल्पलाइन नंबर 139 के माध्यम से अथवा नेशनल ट्रेन इनक्वायरी सिस्टम नामक वेब पोर्टल या एनटीईएस मोबाइल ऐप से प्राप्त की जा सकती है। कोई भी ट्रेन निर्धारित प्रस्थान समय से पहले नहीं चलती है। स्टेशन पर भगदड़ से बचने के लिए निर्धारित समय से पहले प्लेटफार्म पर पहुंचना बेहतर होता है।