सऊदी अरब के तेल टैंकरों पर यूएई तट के पास हमला, ईरान और अमरीका ने एक-दूसरे पर लगाए आरोप

सऊदी अरब के तेल टैंकरों पर यूएई तट के पास हमला,  ईरान और अमरीका ने एक-दूसरे पर लगाए आरोप

Siddharth Priyadarshi | Publish: May, 13 2019 06:27:50 PM (IST) | Updated: May, 14 2019 07:12:49 AM (IST) गल्फ

  • घटना के बाद हुर्मुज जलसंधि इलाके में तनाव गहराया
  • ईरान ने कुछ दिन पहले ही दी थी इस इलाके में जहाजों का परिचालन बाधित करने की चुनौती
  • इस रास्ते से रोज गुजरता है 15 मिलियन बैरल तेल

बगदाद। खाड़ी में अमरीका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच सऊदी अरब के तेल टैंकरों पर बड़ा हमला हुआ है। सऊदी अरब ने सोमवार को कहा कि संयुक्त अरब अमीरात के तट पर दो सऊदी तेल टैंकरों पर हमला किया गया। अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि यह हमला किसने किया लेकिन ईरान ने इस हमले के लिए अमरीका को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा है कि उसने सऊदी अरब के जहाजों को ईरानी जहाज समझकर उन्हें निशाना बनाया। जबकि अमरीका का कहना है कि ईरान इस इलाके में जहाजों की आवाजाही को बाधित करने के लिए खुद हमले कर रहा है। वहीं सऊदी अरब ने आरोप लगाया है कि अमरीकी -ईरानी तनावों के बीच यह कच्चे तेल की आपूर्ति को कम करने का प्रयास है। आपको बता दें कि सुन्नी मुस्लिम बहुल सऊदी अरब और यूएई ने क्षेत्रीय प्रतिद्वंदी और शिया बहुल देश ईरान के खिलाफ अमरीकी प्रतिबंधों का जोरदार समर्थन किया है। संयुक्त राज्य अमरीका ने भी ईरानी कच्चे तेल पर प्रतिबंधों को लागू होने के बाद कहा था कि रियाद और अबू धाबी तेल आपूर्ति में किसी भी कमी की भरपाई करने में मदद करेंगे।

जूलियन असांजे के खिलाफ फिर से चलेगा रेप केस, स्वीडन की सरकार ने किया ऐलान

सऊदी तेल टैंकरों पर हमला

ईरानी विदेश मंत्रालय ने तेल टैंकरों पर हमले की घटनाओं को "चिंताजनक और भयानक" कहा है और मामले की जांच की मांग की है। ईरानी कानून के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इस घटना के पीछे किसी तीसरे देश के उपद्रवी हो सकते हैं। इस घटना ने दिखाया है कि खाड़ी देशों की सुरक्षा नाजुक दौर में है। यूएई ने भी रविवार शाम को कहा कि फुजैराह अमीरात के पास चार वाणिज्यिक जहाजों में तोड़फोड़ की गई। यह इलाका दुनिया के सबसे बड़े लंगर डालने के अड्डे होर्मुज स्ट्रेट के ठीक बाहर स्थित है। आपको बता दें कि वैश्विक तेल की खपत का पांचवां हिस्सा मध्य पूर्व कच्चे तेल उत्पादकों द्वारा एशिया, यूरोप और उत्तरी अमेरिका के प्रमुख बाजारों में हुर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने पिछले महीने धमकी दी थी कि अगर तेहरान को हुर्मुज जलडमरूमध्य का उपयोग करने से रोक दिया जाता है, तो इसको हमेशा के लिए बंद कर दिया जाएगा।

भारतीय महिला शेफ की दुबई के अस्‍पताल में मौत, करवाई थी कूल्हे की सर्जरी

क्या है मामला

सऊदी ऊर्जा मंत्री खालिद अल-फलीह ने एक बयान में कहा कि चार सऊदी जहाजों पर हमला किया गया था। बताया जा रहा है कि सऊदी अरब इन जहाजों के द्वारा अमरीका के लिए तेल की डिलीवरी करने जा रहा था। इसे सऊदी के रास तनुरा बंदरगाह से कच्चे तेल से लोड किया गया था। उन्होंने कहा कि हथियार के प्रभाव के कारण कम से कम दो जहाजों में छेद हो गए हैं। हमले से कोई हताहत नहीं हुआ न तो इन जहाजों से तेल का रिसाव हुआ, लेकिन जहाजों के ढांचे को काफी नुकसान पहुंचा। स्वतंत्र टैंकर मालिकों और ऑपरेटरों के एक संघ ने कहा है कि यह राकेट लॉन्चर या छोटी मिसाइल से किया गया हमला लगता है। यूएई के विदेश मंत्रालय ने भी कहा है कि इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ था और फुजैरा बंदरगाह पर परिचालन सामान्य बना हुआ है। बता दें कि अमरीका ने आगाह किया था कि ईरान इस क्षेत्र में समुद्री यातायात को निशाना बना सकता है। उधर खाड़ी सहयोग परिषद के महासचिव अब्दुल लतीफ बिन राशिद अल जयानी ने कहा कि ऐसी गैर जिम्मेदाराना हरकतों से क्षेत्र में तनाव बढ़ेगा और इसका नतीजा बड़े युद्ध के रूप में तब्दील हो सकता है।

 

विश्व से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर Like करें, Follow करें Twitter पर ..

खबरें और लेख पड़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते है । हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते है ।
OK
Ad Block is Banned