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शहर के डॉ. हिमांशु यूजीसी नेट की पुस्तकें लिख इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में

नाट्य और रंगमंच की देश में पहली पुस्तकें
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ग्वालियर

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Mahesh Gupta

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Updated: 10 Jul 2021, 9:40 AM IST

शहर के डॉ. हिमांशु यूजीसी नेट की पुस्तकें लिख इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में

शहर के डॉ. हिमांशु यूजीसी नेट की पुस्तकें लिख इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में

ग्वालियर.

थिएटर करने वाले युवाओं के लिए रंगमंच में अनेकों किताबें हैं, लेकिन यूजीसी नेट ड्रामा थिएटर की देश में कोई बुक नहीं थी। इसी बात को ध्यान में रखते हुए संगीत विश्वविद्यालय के डॉ. हिमांशु द्विवेदी ने यूजीसी नेट से रिलेटेड 3 पुस्तकें लिखी है। उनके द्वारा लिखी गईं तीन किताबों के लिए उनका नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज किया गया। उनकी पहली किताब 'एकादश नाट्य संग्रहÓ, दूसरी 'रंगदृष्टिÓ और तीसरी यूजीसी नेट वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तरÓ है। इसकी कई कॉपियां देशभर में खरीदी जा चुकी हैं।

पढऩे में हुई कठिनाई, तो पुस्तक लिखने का लिया था संकल्प
डॉ. द्विवेदी ने बताया कि यह मेरी पांच साल की मेहनत है। इसके लिए मैंने बहुत कंटेंट इक_े किए। खुद पढ़ाई के दौरान मैंने नेट से रिलेटेड पुस्तकें सर्च कीं, लेकिन मुझे नहीं मिली, तब मैंने बुक लिखने का संकल्प लिया और उसे पूरा किया। पुस्तकों के साथ ही मैंने लगभग 100 से अधिक ऑडियो और वीडियो लेक्चर यूजीसी नेट से संबंधित बनाए हैं, जिन्हें यूट्यूब पर अपलोड कर रहा हूं। इसमें यूजीसी नेट नाटक रंगमंच के पाठयक्रम से संबंधित लेक्चर हैं।

नाट्य शास्त्र का पूरा परिचय है पुस्तकों में
इन पुस्तकों में डॉ द्विवेदी ने नाट्यशास्त्र परिचय, नाट्यशास्त्र के अध्यायों का वर्गीकरण, नाट्यशास्त्र के 11 अंग, रूपक भेद, इतिवृत्त विधान, नायक नायिका भेद, नाटक भेद, आदर्श दर्शक, ध्वनि सिद्धांत, प्रमुख संस्कृत नाटक, संस्कृत नाटकों में वर्तमान प्रासंगिकता, रामायण महाभारत का परिचय एवं उनकी नाट्य परंपराए संस्कृत, हिंदी, उर्दू, बांग्ला, मराठी, गुजराती, तमिल, कन्नड़, तेलुगू, अंग्रेजी आदि विषयों से संबंधित नाटक और उनके नाटककारों का वर्णन, प्रमुख रंग संस्थान, रंगमंच की पत्रिकाएं, रंगमंच समारोह, सांस्कृतिक केंद्र आदि का वर्णन, रंगमंच से संबंधित प्रमुख सम्मान उनका वर्णन एवं उनके कलाकार आदि का वर्णन दिया गया है। साथ ही 2000 से अधिक वस्तुनिष्ठ प्रश्न उत्तर इन तीनों पुस्तकों में समाहित किए गए हैं।