हैकर गैंग की तलाश हरियाणा में, राजस्थान के ठग रडार पर

विदेशी बैंक और उनके ग्राहकों के खातों से पैसा चोरी कर उससे ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले नाबालिग छात्र को तो पुलिस ने बाल सुधार गृह भेज दिया है। अब उसका फोकस राजस्थान और हरियाणा में गिरोह के दूसरे मैंबर्स पर...

ग्वालियर. विदेशी बैंक और उनके ग्राहकों के खातों से पैसा चोरी कर उससे ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले नाबालिग छात्र को तो पुलिस ने बाल सुधार गृह भेज दिया है। अब उसका फोकस राजस्थान और हरियाणा में गिरोह के दूसरे मैंबर्स पर है। उनकी तलाश में राखी के बाद पुलिस की टीम रेड करेगी। उधर पकड़े गए छात्र के पिता का बैंक खाता भी सोमवार को सर्च किया है। दो दिन छुट्टी की वजह से उनके बैंक एकाउंट की डिटेल नहीं मिली है। हालांकि आरोपी के पिता ने खुद खुलासा किया है कि करीब 6 लाख रुपए बेटे के जरिए उन्होंने खाते में जमा किया था। चोरी की रकम का ट्रांजेक्शन करने में आरोपी के पिता भी कानूनी जद में हैं।
सीएसपी रवि भदौरिया ने बताया पकड़े गए नाबालिग आरोपी ने तो इस धंधे का सारा चि_ा खोल दिया है। उसने जो खुलासे किए है उनकी आगे की कड़ी गिरोह के दूसरे हैकर्स से जुड़ेगी। जब यह लोग पकड़े गए जाएंगे तब धंधे कैसे चलाते थे पता चलेगा। हालांकि पुलिस अधिकारी मानते है, टॉस्क आसान नहीं है। क्योंकि जिन लोगों के नाम पकड़े गए आरोपी और फेसबुक ग्रुप से सामने आए हैं उनके पते और नाम सही होंगे यह नहीं कहा जा सकता है। ठग फर्जी नाम और मोबाइल नंबर से खाता ऑपरेट कर रहे होंगे तो उन्हें तलाशना आसान नहीं होगा। फिलहाल राजस्थान और हरियाणा के ठगों पर फोकस किया है। क्योंकि यहां आने जाने में पुलिस को ज्यादा वक्त जाया नहीं करना पड़ेगा। अगर यहां रेड सफल होती है तो दूसरे प्रदेशों में भी टीम को टास्क देकर भेजा जाएगा। राजस्थान और हरियाणा में भी दबिश की प्लानिंग राखी के बाद की है।


हर दिन ऑनलाइन शॉपिंग
नाबालिग आरोपी को पुलिस ने दो दिन पहले वायुनगर से पकड़ा था। उसके बारे में पता चला था कि आरोपी बीए सेकंड इयर की पढ़ाई करना बताता है, लेकिन हर दिन उसके घर ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी के डिलेवरी बॉयज की आवाजाही रहती है। कोई दिन खाली नहीं जाता जब उसके यहां ऑन लाइनशॉपिंग का सामान नहीं आता हो। सारा सामान महंगा और ब्रांडेड होता है। आरोपी के आसपास रहने वालों को शक था कि मामला गड़बड़ है। इसलिए लोगों ने अपने स्तर पर नजर रखी थी। उन्हें तब और हैरानी हुई जब छात्र महंगे सामान को सस्ते दामों पर बेचता है यह पता चला। यह कैसे हो सकता है। महंगा सामान खरीद कर सस्ते में बेचकर घाटा क्यों उठा रहा है। गणित जब लोगों की समझ में नहीं आया तो पुलिस के पास पहुंच गए। छात्र के धंधे की थ्योरी बताई तो पुलिस भी सकते में आ गई कि यह कैसे हो सकता है। दो दिन तक छात्र की गतिविधियों पर नजर रखी और उसे दबोचा तो विदेशी बैंक और उनके ग्राहकों का डाटा खरीदकर। ग्राहकों के क्रेडिट से ऑन लाइन शॉपिंग करने का धंधा पकड़ा गया।

रिज़वान खान Desk
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