
बीमा कंपनी का नहीं चला परमिट का बहाना, देना होगा मुआवजा
ग्वालियर . सडक़ दुर्घटना मुआवजा मामले में बीमा कंपनी का परमिट का बहाना नहीं चल सका। हाईकोर्ट की एकल पीठ ने स्पष्ट किया कि संबंधित वाहन के लिए परमिट आवश्यक नहीं था, ऐसे में बीमा कंपनी की जिम्मेदारी से बचने की दलील टिक नहीं सकती। कोर्ट ने बीमा कंपनी की अपील खारिज कर दी।
मामला मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) ग्वालियर के उस फैसले से जुड़ा है, जिसमें पीडि़त पक्ष को 4.60 लाख रुपए मुआवजा देने का आदेश दिया गया था और बीमा कंपनी को संयुक्त रूप से जिम्मेदार ठहराया गया था। इस आदेश को चुनौती देते हुए नेशनल इंश्योरेंस बीमा कंपनी ने हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। बीमा कंपनी की ओर से तर्क दिया गया कि दुर्घटनाग्रस्त बोलेरो वाहन मैक्सी कैब के रूप में पंजीकृत था और बिना परमिट चलाया जा रहा था, इसलिए कंपनी को मुआवजा देने से मुक्त किया जाना चाहिए। हालांकि, सुनवाई के दौरान यह तथ्य सामने आया कि वाहन का वजन 2240 किलोग्राम था, जो मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 66(3)(द्ब) के तहत निर्धारित सीमा में आता है। इस प्रावधान के अनुसार ऐसे वाहन के लिए परमिट की आवश्यकता नहीं होती। कोर्ट ने माना इस स्थिति में बीमा कंपनी की दलील निराधार है और ट्रिब्यूनल के फैसले में हस्तक्षेप का कोई आधार नहीं बनता। इसी आधार पर हाईकोर्ट ने अपील को खारिज करते हुए मुआवजा देने के आदेश को बरकरार रखा, जिससे पीडि़त पक्ष को राहत मिली है।
Updated on:
17 Apr 2026 05:52 pm
Published on:
17 Apr 2026 05:51 pm
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