
ग्वालियर। देश में नोटबंदी हुए अभी करीब १८ माह ही गुजरे है कि लोगों का बुरा हाल है हर कोई व्यापार और अपनी सेविंग व इनकम टैक्स को लेकर चिंतित हैं। हालांकि नोटबंदी के बाद बरती गई रियायत अब इस बार सरल संभव नजर नहीं आ रही हैं। सरकार की नजर हर खाते पर हैं ऐसे में अगर आपने बैंक अकाउंट है और उसका इनकम टैक्स रिटर्न फाइल नहीं किया गया हैं तो इस बार आपको भी फंसने से कोई नहीं रोक सकता हैं। इसका बड़ा हर्जाना भी आपकों भरना पड़ सकता हैं। साथ ही सरकार इन खातों की लिस्ट तैयार कर कार्रवाई कर रमन्ना जारी कर सकती है। इसको लेकर ग्वालियर सहित पूरे मध्यप्रदेश में हड़कंप मची हुई है,क्योकि इसकी लास्ट डेट भी इसी माह हैं।
यह भी पढ़ें: बड़ी खबर : जल्द निपटा लें बैंक के जरूरी काम ,लगातार चार दिन बंद रहेंगे देशभर के बैंक
वहीं कई लोग इनकम टैक्स बचाने को लेकर चिंतित है पर उन्हें अब चिंता करने की जरूरत नहीं है। क्योकि चालू वित्त वर्ष को समाप्त होने में कुछ ही दिन शेष है। ऐसे में जिन लोगों की आय टैक्सेबल है वे आयकर से बचने के लिए अपनी आय के अनुसार टैक्स सेविंग विकल्प चुन रहे हैं।
हालांकि,अंतिम समय में कई लोग जल्दबाजी में गलत टैक्स सेविंग प्रोडक्ट में निवेश कर देते हैं,जिनका फायदा उन्हें नहीं मिलता है। अगर, आप भी टैक्स सेविंग के विकल्पों को लेकर उलझन में हैं तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। हम आपको आयकर से बचाने के नायाब विकल्प बता रहे हैं। जिससे आप अपनी समस्या का समाधान बड़ी ही आसानी से कर सकेंगे।
नियमों को करें फॉलो
सरकार द्वारा नॉटीफिकेशन जारी कर यह सख्त आदेश जारी किया है। इसमें तो नियम व शर्तों की लंबी लिस्ट हैं, लेकिन यदि सराकर के आकड़ों पर नजर डाली जाए तो वह स्पष्ट है। जो यह है कि अगर आप इनकम टैक्स रिर्टन भरते हैं तो आपको आयकर विभाग के नियमों को फॉलो करना ही होगा। क्योंकि अगर आप ऐसा नहीं करते तो यह कदाचार की श्रेणी में आ जाएगा और आप पर गलत जानकारी देने या जानकारी छूपाने जैसे गंभीर आरोप लग सकते हैं। ऐसे में आप बुरे फंस सकते है। हो सकता है कि सरकार आपके विरुद्ध सख्त एक्सन भी ले लें।
यह भी पढ़ें: इस राशि वाले लोगों का जाने वाला है बुरा समय
पीपीएफ से करें निवेश
छोटे निवेशकों के बीच पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) बहुत ही आकर्षक है। इसमें 80 सी के तहत आप पीपीएफ में 1.5 लाख रुपए निवेश कर टैक्स छूट प्राप्त कर सकते हैं।
इएलएसएस: अच्छे रिटर्न के साथ कर लाभ
धारा 80सी के तहत इएलएसएस कई विकल्पों से बेहतर है। रिटर्न के नजरिए से देखा जाए तो ईएलएसएस का प्रदर्शन लंबी समयावधि में सबसे बेहतर है लॉक-इन अवधि 3 साल और मैच्योरिटी अवधि 15 साल की है।
एनपीएफ में निवेश
अपने रिटायरमेंट के बाद की नियमित आय के लिए आप नेशनल पेंशन स्कीम (एनपीएस) में निवेश कर सकते हैं। इस सरकारी स्कीम में हर माह में एक निश्चित राशि राशि जमा करके आप करोड़पति बन सकते हैं। इसके साथ ही एनपीएस में निवेश करने पर आपको २ लाख तक की टैक्स छूट भी मिलती है।
नेशनल सेविंग सार्टिफिकेट
नेशनल सेविंग सार्टिफिकेट निवेश का एक बेहतर जरिया है। इसे हम एक तरह का फिक्स डिपॉजिट मान सकते हैं। इसमें ५ साल का लॉक इन पीरिएड होता है। इसमें छमाही आधार पर ब्याज जोड़ा जाता है। ऐसे में चक्रवृद्धि ब्याज के रूप में रिटर्न भी अच्छा मिलता है। इस निवेश की सबसे बड़ी खासियत यह है कि आप इसके साथ 1.5 लाख रुपए तक का टैक्स रिबेट भी हासिल कर सकते हैं।
यूलिप और जीवन बीमा पॉलिसी
बीमा कंपनियों के लॉन्च किए गए यूलिप कम लागत वाले हैं। इससे निवेशकों को अच्छा रिटर्न मिल रहा है। आप यूलिप में 1.5 लाख तक निवेश कर टैक्स छूट हासिल कर सकते हैं। वहीं, आप आप आयकर के धारा 80सी के तहत जीवन बीमा के प्रीमियम भुगतान पर भी 1.5 लाख रुपए तक टैक्स छूट प्राप्त कर सकते हैं।
समय पर भरें इनकम टैक्स
इनकम टैक्स बचाने को लेकर पत्रिका ने सीए अभिषेक गुप्ता से चर्चा की जिसमें उन्होंने बताया कि इनकम टैक्स बचाने के लिए पीपीएफ,इएलएसएस: अच्छे रिटर्न के साथ कर लाभ,सुकन्या योजना,टैक्स सेविंग एफडी,यूलिप और जीवन बीमा पॉलिसी और नेशनल सेविंग सार्टिफिकेट सहित कई प्लान लेकर टैक्स बचाया जा सकता है।
साथ ही उन्होंने बताया कि इनकम टैक्स के जो नियम बनाए गए हैं वह नियम सरकार द्वारा नोटबंदी के बने हालात को देखकर बनाया था। क्योंकि लोगों ने टैक्स से बचने अपने नातेदारों के अकाउंट में राशि जमा कर दी थी। यह उसी की खोजबीन है। अगर वह सभी की डिटेल इनकम टैक्स कार्यालय में नहीं देता है तो उसके ऊपर निश्चित कार्रवाई होगी। क्योकि आपको हर हाल में रिर्टन 31 मार्च तक भरना है। वहीं डीटेल छिपाने पर मिनिमम टैक्स के डबल पेनाल्टी लगती है।
टैक्स सेविंग एफडी
पांच साल की एफडी पर आपको बेहतर ब्याज के साथ-साथ टैक्स छूट का लाभ भी मिलता है। कम जोखिम लेने वाले निवेशकों के लिए एक एक अच्छा निवेश माध्यम है।
यह भी पढ़ें: एमपी के गणेश मंदिर में हुआ चमत्कार,मूल स्वरूप में श्रद्धालुओं को हुए भगवान के दर्शन
सुकन्या योजना
ये स्कीम खास बेटियों के लिए हैं। आपको इस योजना हर साल कम से कम 1 हजार रुपए जमा कराने होंगे। वहीं अधिकतम 1.50 लाख रुपए तक जमा कर टैक्स छूट ले सकते हैं।
रखी जा रही है नजर
नोटबंदी के बाद अब देश में फिर नकद को दबाने का सिलसिला शुरू हो गया हैं। सरकार की रिपोर्ट के अनुसार नोटबंदी के पहले जिन खातों से तगड़ा लेनदेन हुआ करता था, उन खातों में अब ट्रांजक्शन कम हुआ है। इसके अलावा एक और चौकाने वाली रिपोर्ट सामने आई थी, जिसमें उद्यमियों के अलावा आम लोग भी अपनी पत्नी, नाते, रिश्तेदारों के नाम पर संचालित अकाउंट से लेनदेन कर रहे हैं,इनकी संख्या देश में अधिक होना बताई गई थी।
अकाउंट से आधार लिंक होने के बाद बैंकों द्वारा सरकार और इनकम टैक्स विभाग को ऐसे खातों की सूचना भी शेयर की गई थी,ऐसी भी खबर हैं। इसके बाद सरकार ने यह बड़ा निर्णय लिया है। जिसका बड़ा असर देखने मिल सकता है जिसको लेकर शहर में हड़कंप मचा हुआ है।
Updated on:
23 Mar 2018 05:34 pm
Published on:
23 Mar 2018 05:21 pm
बड़ी खबरें
View Allग्वालियर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
