मेडिकल व आयुर्वेद कॉलेज, मल्टीआर्ट कॉम्पलेक्स के साथ-साथ करीब एक दर्जन से अधिक कार्यों पर खर्च करने के अलावा आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को स्कॉलरशिप देकर शोधकार्य को बढ़ावा भी दिया जाएगा।
ग्वालियर।
जीवाजी यूनिवर्सिटी (जेयू)
प्रबंधन ने नए साल में
छात्रों के उज्ज्वल भविष्य
के लिए 200 करोड़ रुपए
खर्च करने का प्लान बनाया है।
इस राशि का उपयोग मेडिकल एवं
आयुर्वेद कॉलेज, मल्टीआर्ट
कॉम्पलेक्स के साथ-साथ
करीब एक दर्जन से अधिक कार्यों
को करने पर खर्च किया जाएगा।
साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर
छात्रों को स्कॉलरशिप देकर
शोधकार्य को बढ़ावा भी दिया
जाएगा।
दरअसल,
नए साल में जेयू प्रबंधन
का ध्यान छात्रों को अच्छी
जॉब दिलाने के लिए वी. वॉकेशनल
कोर्सों को शुरू करने में है,
इसके लिए अलग से बिल्डिंग
बनाने की योजना है। इन कोर्सों
के लिए अलग से ट्रेंड फैकल्टी
रखी जाएगी। छात्रों का सिलेबस
मल्टीनेशनल कंपनियों के हिसाब
से होगा। छात्रों को इन्हीं
कंपनियों में पहले ट्रेनिंग
और बाद में जॉब प्रोवाइड कराया
जाएगा।
इन
योजनाओं पर होगा अमल
1.
साइंस ब्लॉक के सभी
डिपार्टमेंट को सेप का दर्जा
दिलाना। अच्छे रिसर्च वर्क
से छात्रों को जॉब के अवसर
देना
2.
अंचल के सभी जिलों में
परीक्षा केन्द्र बनाना,
ताकि नकल पर अंकुश
लगाने के लिए ऑनलाइन परीक्षाएं
कराना
3.
स्थाई टीचरों की
नियुक्ति के लिए शासन और यूजीसी
से मंजूरी के साथ बजट स्वीकृत
कराकर सिस्टम तैयार करना
4.
सभी कर्मचारियों को
हाईटेक कम्प्यूटर व्यवस्था
से जोडऩा, ताकि
छात्रों के काम जल्द हो सकें।
तीन
बिन्दुओं पर फोकस
स्टेप-1.
रिसर्च वर्क पर फोकस,
शोधार्थियों को उच्च
स्तर का शोधकार्य उपलब्ध
कराना। थ्योरी से ज्यादा
प्रैक्टीकल पर फोकस। पढ़ाने
की नई टेक्नीक छात्रों के
हिसाब से डवलप करना। सिलेबस
को मार्केट की जरूरत के हिसाब
से बदला जाएगा, ताकि
रोजगार में बढ़ोत्तरी हो।
स्टेप-2.
छात्रों को रिजल्ट व
मार्कशीट की मूलभूत समस्याओं
से निजात दिलाने के लिए परीक्षा
व गोपनीय विभाग का मजबूत सिस्टम
बनाया जाएगा। छात्रों को
परेशान करने पर त्वरित कार्रवाई
होगी।
स्टेप-3.
पीजी कोर्स करने के
बाद छात्रों को रोजगार के लिए
न भटकना पड़े इसके लिए कमेटी
बनाई जाएगी, जो
छात्रों की प्रोफाइल तैयार
करेगी और कंपनियों की जरूरत
अनुसार उसे छात्रों का डाटा
उपलब्ध कराया जाएगा।
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प्रो. संगीता
शुक्ला, कुलपति,
जेयू