मंत्री उषा ठाकुर ने किया लोकार्पण, 26.88 करोड़ रुपए की लागत से बनकर तैयार हुआ है 500 मीटर लंबा ब्रिज
देवास. मक्सी रोड पर कृषि उपज मंडी के सामने 26.88 करोड़ रुपए की लागत से बनाए गए 500 मीटर लंबे फ्लाय ओवरब्रिज का सोमवार दोपहर पर्यटन, संस्कृति व आध्यात्म मंत्री उषा ठाकुर ने लोकार्पण किया। लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान छोटा मंच व सामने बैठक व्यवस्था सही नहीं होने से विधायक गायत्रीराजे पवार व अफसरों ने सेतु निगम के अफसरोंसे नाराजगी जताई। वहीं सामने एक गलियारे नुमा टेंट लगाकर कुर्सियां लगाई गई थी। लोकार्पण के बाद ब्रिज आम लोगों के आवागमन के लिए खोल दिया गया।
विकास में कोई कमी नहीं रखी
विधायक पवार ने कहा कि प्रदेश सरकार ने देवास के विकास में कोई कमी नहीं रखी है। देवास के विकास के लिए 5 साल का विजन बनाया गया है। फ्लायओवर ब्रिज बनाए गए हैं, कुछ ही समय पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा एबी रोड पर बने फ्लायओवर ब्रिज का लोकार्पण किया गया था। देवास में स्पोर्ट्स पार्क बनाया गया है। जिला अस्पताल में 100 बेड का मेटरनिटी हॉस्पिटल बनकर तैयार होने वाला है। महापौर गीता अग्रवाल ने ब्रिज के लोकार्पण पर शुभकामना संदेश दिया। बीजेपी जिलाध्यक्ष राजीव खंडेलवाल ने कहा कि विकास के नए आयाम स्थापित किए जा रहे हैं। देवास को कई सौगातें दी गई है। इस दौरान नगर निगम सभापति रवि जैन, दुर्गेश अग्रवाल, बहादुर मुकाती, मनीष सोलंकी सहित एसपी संपत उपाध्याय, सीईओ जिला पंचायत हिमांशु प्रजापति, नगर निगम आयुक्त रजनीश कसेरा, आरके कटारिया सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
सांसद सहित अन्य जनप्रतिनिधि नहीं थे मौजूदकार्यक्रम में सांसद महेंद्रसिंह सोलंकी, जिपं अध्यक्ष लीला अटारिया की गैरमौजूदगी चर्चा में रही। कार्यक्रम को लेकर सोशल मीडिया पर जारी हुए मैसेज में अतिथियों में जिपं अध्यक्ष का नाम नहीं होने पर कांग्रेस ने सवाल भी उठाए थे। उधर कहा जा रहा है कि पिछले दिनों रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में हुए घटनाक्रम के चलते सांसद ने इस कार्यक्रम से दूरी बनाई है।
कांग्रेस ने किया था प्रदर्शन
उल्लेखनीय है कि मक्सी रोड ओवरब्रिज का निर्माण कार्य पूरा हुए करीब दो माह हो चुके थे। इसके लोकार्पण की मांग की जा रही थी लेकिन प्रभारी मंत्री को आमंत्रित करने के चलते कार्यक्रम तय नहीं हो पा रहा था। इसे लेकर पिछले दिनों कांग्रेेस ने ब्रिज को फिसलपट्टी ब्रिज नाम देते हुए प्रदर्शन किया था और पूजा-अर्चना कर सांकेतिक लोकार्पण किया था। हालांकि ब्रिज पर आवागमन बंद ही रहा। इसके बाद अब जाकर ब्रिज का लोकार्पण किया गया।