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पर्यटन बढ़ाने ब्रांडिंग की जरूरत, सभी को धारणा बदलनी होगी

केन्द्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा है कि ग्वालियर ऐतिहासिक, सांस्कृतिक रूप से समृद्ध है। यहां पर्यटन आए इसके लिए ब्रांडिंग जरूरी है। वहीं हमें धारणा भी बदलनी होगी..

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पर्यटन बढ़ाने ब्रांडिंग की जरूरत, सभी को धारणा बदलनी होगी

ग्वालियर. केन्द्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा है कि ग्वालियर ऐतिहासिक, सांस्कृतिक रूप से समृद्ध है। यहां पर्यटन आए इसके लिए ब्रांडिंग जरूरी है। वहीं हमें धारणा भी बदलनी होगी। हमने जब विदेशी पर्यटकों से हमारी तीन प्रमुख कमियां पूछीं तो उनका कहना था कि स्वच्छता के लिए अभी और जरूरत है। उन्हें यहां टाइलेट और साफ चाहिए वहीं हमारे पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों को उनकी भाषा में जानकारी देने वाले गाइड चाहिए।
केन्द्रीय पर्यटन मंत्री पटेल ने यहां पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा हमने देश में एक सर्वे कराया कि जिसमें विदेशी पर्यटकों से अपनी कमियों के बारे में पूछा गया था। उनका कहना था कि विदेशियों ने यहां की पानी की बोटल को भी एक्सेप्ट नहीं किया है। वे और स्वच्छता चाहते हैं खासकर यहां के होटल्स के टॉइलेट्स में, उन्हें गाइड भी चाहिए जो उन्हें उनकी भाषा में तथ्यों को समझाए। विदेशियों ने यह भी कहा कि देश में स्वच्छता अभियान के अच्छे परिणाम आए हैं। पर्यटकों का शांति चाहिए।

रोप-वे पर कोई रोक नहीं
एक सवाल के जवाब में पटेल ने कहा कि मैने सांसद विवेक नारायण शेजवलकर से रोप-वे के बारे में जानकारी ली है। मैंने उन्हें बताया कि केन्द्र की तरफ से इसके निर्माण में कोई रोक नहीं है। एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि पर्यटन के लिए प्रधानमंत्री द्वारा जो प्रयास किए गए हैं उसके सकारात्मक परिणाम आए हैं। ई-वीजा पर कई देशों ने शुल्क को कम किया है, इस संबंध में हमारे यहां भी कुछ मांग की गई है इस पर हम विचार करेंगे।

आइआइटीटीएम के मामले में बोले, मामला संदिग्ध
आइआइटीटीएम के डायरेक्टर संदीप कुलश्रेष्ठ को न्यायालय के आदेश से डायरेक्टर के पद से हटाए जाने के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इस मामले में कानूनी कार्रवाई क्या चल रही है इसकी मुझे जानकारी नहीं है लेकिन मैंने इस नियुक्ति संबंधी फाइल देखी तो सारा माजरा समझ में आ गया कि कितनी गड़बड़ डायरेक्टर की नियुक्ति में चल रही थी। यह तो बड़ा ही आश्चर्यजनक था कि एक डायरेक्टर का कार्यकाल पूर्ण होने से दो-तीन माह पहले ही उसका कार्यकाल बढ़ाए जाने का प्रस्ताव आता रहा और कार्यकाल बढ़ता रहा।


कांग्रेस और कमलनाथ से कोई उम्मीद नहीं
सिख विरोधी दंगों की 35 साल बाद फिर से जांच शुरू होने के संबंध में एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कांग्रेस और प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ से कोई उम्मीद नहीं की जा सकती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की वर्तमान खराब स्थिति के लिए केन्द्र पर दोषारोपण करना गलत है। देश और दुनिया में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का जो प्रोमो है आज भी उससे बेहतर नहीं हो सका है।