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सेक्स पावर बढ़ाने के लिए लोग इस जानवर को बना रहे अपना शिकार, इस जानवर की ये  है खासियत

बीते रोज एक जानवर को देखकर गांव वालों में दहशत फैल गई। उस जानवर की पहचान इंडियन पेंगोलिन के रूप में हुई। गांव वालों ने उससे डर के चलते मार डाला, लेकिन चंबल के बीहड़ों में चींटियां और कीड़े खाने वाला पेंगोलिन बहुत पहले से शिकारियों का शिकार बन रहा है।

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shyamendra parihar

Jul 28, 2017

villagers killed pangolin animal

villagers killed pangolin animal

ग्वालियर। दतिया में बीते रोज एक जानवर को देखकर गांव वालों में दहशत फैल गई। गांव वालों ने मिलकर उस जानवर को मार डाला। उस जानवर की पहचान इंडियन पेंगोलिन के रूप में हुई। गांव वालों ने उससे डर के चलते मार डाला, लेकिन चंबल के बीहड़ों में चींटियां और कीड़े खाने वाला पेंगोलिन बहुत पहले से शिकारियों का शिकार बन रहा है।

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दरअसल पेंगोलिन का इस्तेमाल सेक्सुअल पावर बढ़ाने वाली दवाइंयों में किया जाता है और चीन और थाईलैंड के मार्केट में इसकी काफी डिमांड हैं। इसलिए लोग इस जानवर की जान के दुश्मन बन गए हैं। पेंगोलिन की ऊपरी स्किन, जिसे स्केल्प कहा जाता है, जानकारों के मुताबिक इंटरनेशनल मार्केट में इसकी कीमत 2 लाख रुपए प्रति किलो है।



ये है पूरा मामला
ग्राम उदगवां में बुधवार की रात एक ग्रामीण के घर में वन्य संरक्षित प्राणी पेंगोलिन देखा गया। पहली बार पेंगोलिन देखे जाने पर ग्रामीण दहशत में आ गए। ग्रामीणों ने पहली बार देखे गए जीव पर हमला कर दिया। इससे उसकी मौत हो गई। वन विभाग ने पेंगोलिन का अंतिम संस्कार कराने के बाद मामला जांच में लिया है।

जिला वन मंडलअधिकारी बीएस बघेल का कहना है कि इंडियन पेंगोलिन की प्रजाति जिले में पहले भी देखी गई है। इंडियन पेंगोलिन को किसान मित्र के रूप में जाना जाता है जिसका मुख्य भोजन चीटीं और दीमक है। पेंगोलिन वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 के शेड्यूल भाग एक में दर्ज है। लेकिन ग्रामीणों द्वारा पहली बार इसे देखे जाने पर अजीब लगा और उन्होने इस पर हमला बोल दिया।





पेंगोलिन मारे जाने की जानकारी मिलने पर गुरुवार को जिला वनमंडलाधिकारी बीएस बघेल, एसडीओ देवेंद्र सिंह एवं रेंजर आदित्य कुमार पुरोहित ने घटना के संबंध में पूरी जानकारी ली और उसे बरामद कर पोस्टमार्टम कराया तथा डिपो में अंतिम संस्कार कराया। रेंजर आदित्य कुमार पुरोहित ने बताया कि इस संबंध में अज्ञात लोगों के खिलाफ वन्य प्राणी संरक्षण

चंबल के बीहड़ों में मिलता है पेंगोलिन
सख्त खाल वाला पेंगोलिन नाम का जानवर चंबल के बीहड़ों में घूमता हुआ मिल जाता है। पेंगोलिन का भोजन चीटियां और कीड़े हैं और यह सिकुड़कर गेंद जैसा हो जाता है। इसके शरीर पर सख्त शल्क होते हैं। इसके अंगों से नपुंसकता दूर करने वाली दवाएं बनाई जाती हैं। इसी उपयोगिता के कारण बीहड़ों में मिलने वाले पेंगोलिन का बड़े पैमाने पर शिकार किया जा रहा है।





सेक्सुअल पावर बढ़ाने की दवाइयां बनती हैं
पेंगोलिन से सेक्सुअल पावर बढ़ाने की दवाइयां बनती हैं। चीन इसका मुख्य केन्द्र है। चीन से म्यांमार, थाईलैंड, इंडोनेशिया, सिंगापुर और पाकिस्तान में पेंगोलिन से बनी दवाइयां भेजी जाती हैं।
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