ओलम्पिक में फीका मेजर का खेल, हॉकी पर ध्यान बस चंद खिलाडिय़ों का
– राजीव गांधी ग्रामीण ओलम्पिक खेल में जिले में सबसे कम टीम बनी हॉकी की
– मेजर ध्यानचंद की जयंती पर मनाए जाने वाले खेल दिवस पर ओलम्पिक का आगाज
– ग्रामीण ओलम्पिक में नहीं उम्र की कोई सीमा, बुजुर्ग भी दिखा रहे खेल कौशल
हनुमानगढ़. राष्ट्रीय खेल हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती पर मनाए जाने वाले खेल दिवस से प्रारंभ हुए ग्रामीण ओलम्पिक में हॉकी का जादू फीका ही नजर आ रहा है। क्योंकि जिले में सबसे कम टीम राष्ट्रीय खेल की ही बनी है। कबड्डी, खो-खो, क्रिकेट में सर्वाधिक टीम खेलेगी। टीम के मामले में खो-खो दो नम्बर पर है, इसमें 3222 टीम बनी है।
खास बात यह कि जिले में खो-खो में केवल लड़कियों की ही टीम बनी है। यदि लडक़ों की टीम भी बनाते तो टीम की संख्या छह हजार से भी दोगुनी हो सकती थी। वहीं हॉकी में बालक एवं बालिका दोनों वर्ग में ही जैसे-तैसे मात्र 357 टीम ही बन सकी है। अधिकारियों ने खूब जोर लगाया तब जाकर इतनी टीम बनी है। ओलम्पिक में जो छह खेल शामिल हैं, उनमें से सबसे कम टीम हॉकी की ही बनी है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि राष्ट्रीय खेल के प्रति युवाओं की रूचि पैंदे तक पहुंच चुकी है। सुविधाओं की कमी यथा एस्ट्रो ट्रफ से सुसज्जित मैदान तथा युवाओं का घटता रूझान ही वे कारण हैं जिससे हॉकी में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हम पिछड़ गए। कभी विश्व स्तर पर हॉकी में एकछत्र राज करने वाली देश की टीम अब जूझती नजर आती है। गौरतलब है कि राज्य सरकार हैप्पीनेस इंडेक्स बढ़ाने, ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को तराशने, आपसी प्रेम, भाईचारा, सद्भावना एवं सहयोग का माहौल बनाने के उद्देश्य से ओलम्पिक खेलों का आयोजन करवा रही है।
प्रभारी अधिकारी नियुक्त
ओलम्पिक के सफल आयोजन को लेकर जिले की सभी 269 ग्राम पंचायतों पर प्रभारी अधिकारी लगाए गए हैं। कलक्टर ने प्रभारी अधिकारियों को ग्राम पंचायत स्तर पर खेलों के प्रभावी नियंत्रण व आवश्यक कार्यवाही को निर्देशित किया है। प्रभारी अधिकारी आवंटित ग्राम पंचायत क्षेत्र में जाकर संबंधित उपखण्ड अधिकारी एवं पीईईओ से समन्वय कर खेल के लिए किट की उपलब्धता, रेफरी व स्कोरर की नियुक्ति, पेयजल, छाया एवं खेल मैदान सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी लेते रहेंगे।
एक-एक खेल बालक-बालिकाओं के लिए
जिला खेल अधिकारी शमशेर सिंह ने बताया कि ग्रामीण ओलम्पिक में छह खेल शामिल किए गए हैं। बालक एवं बालिका दोनों वर्ग में कबड्डी, वॉलीबाल, टेनिस बाल क्रिकेट एवं हाकी को शामिल किया गया है। जबकि खो-खो केवल बालिका वर्ग और शूटिंग वॉलीबाल केवल बालक वर्ग के लिए है। प्रत्येक विजेता टीम राज्य स्तर पर आयोजित खेलों में हिस्सा लेगी।
ब्लॉक में पंजीयन की स्थिति
जिले में ब्लॉकवार खिलाडिय़ों के पंजीयन की बात करें तो पीलीबंगा तहसील सबसे आगे है। पीलीबंगा में सर्वाधिक 26,637 खिलाडिय़ों ने पंजीयन कराया है। इसके बाद नोहर में 24974 तथा हनुमानगढ़ में 20140 खिलाडिय़ों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है। सबसे कम 14898 खिलाडिय़ों ने संगरिया में रजिस्ट्रेशन कराया है।
कबड्डी व खो-खो की धूम
खेल के हिसाब से पंजीयन की बात करें तो कबड्डी में सर्वाधिक 55190, खो-खो में 41756 तथा क्रिकेट में 28032 खिलाडिय़ों ने पंजीयन कराया है। जबकि शूटिंग बाल में सबसे कम 4326 खिलाडिय़ों ने पंजीयन करवाया है। कबड्डी में सर्वाधिक 4473 टीम, खो-खो में 3175 और टेनिस बॉल क्रिकेट मेें 1978 टीम बनाई गई है। वहीं हाकी में 357 टीम बनी है।
जिला फैक्ट फाइल : ग्रामीण ओलम्पिक
कुल पंजीयन : 1,45,202
कुल टीम बनी : 11,585
पंचायत को बजट : 9150
क्या रहेगा शैड्यूल
– ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजन : 29 अगस्त से 1 सितम्बर तक।
– ब्लॉक स्तर पर 12 से 15 सितम्बर तक।
– जिला स्तर पर 22 से 25 सितम्बर तक।
– राज्य स्तर पर 2 से 6 अक्टूबर तक।
जिले में ब्लॉकवार पंजीयन
पीलीबंगा में : 26,726
नोहर में : 25,072
हनुमानगढ़ में : 20,180
भादरा में : 20025
संगरिया में : 14,958
रावतसर में : 19022
टिब्बी में : 19219
किस खेल में कितनी टीम
कबड्डी में : 45119 टीम
खो-खो में : 3222 टीम (सिर्फ बालिका)
टेनिस बॉल क्रिकेट : 2003 टीम
वॉलीबाल में : 1023 टीम
शूटिंग वॉलीबाल में : 458 (सिर्फ बालक)
हॉकी में : 357 टीम
खोली जाए अकादमी
प्रत्येक जिले में एस्ट्रो टर्फ मय ग्राउंड होना चाहिए ताकि खिलाडिय़ों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दिक्कत नहीं आए। प्रत्येक जिले में हॉकी के प्रशिक्षण को लेकर अकादमी खोली जानी चाहिए। हनुमानगढ़ एवं श्रीगंगानगर जिले में साई सेंटर, अकादमी या अन्य कोई सरकारी केन्द्र हॉकी होना चाहिए। इससे हॉकी को बहुत लाभ होगा। – मस्तान सिंह, हॉकी खिलाड़ी व प्रशिक्षक।